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इंजीनियरिंग से UPSC तक का सफर.. कौन हैं IAS विशाखा यादव, अरुणाचल प्रदेश में PM मोदी का किया स्वागत
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इंजीनियरिंग से UPSC तक का सफर.. कौन हैं IAS विशाखा यादव, अरुणाचल प्रदेश में PM मोदी का किया स्वागत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (22 सितंबर, 2025) को अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था. इस दौरान पीएम पूर्वोत्तर राज्य के पापुम पारे जिले में पहुंचे, जहां उनका स्वागत एक महिला सिविल सेवा अधिकारी विशाखा यादव ने किया. सोशल मीडिया पर अब IAS विशाखा यादव को लेकर काफी चर्चा हो रही है.

बता दें कि विशाखा यादव एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं और वह वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं. IAS विशाखा ने पीएम के स्वागत की तस्वीरें शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की.

बता दें कि विशाखा यादव एक भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी हैं और वह वर्तमान में अरुणाचल प्रदेश के पापुम पारे जिले में उपायुक्त के पद पर कार्यरत हैं. IAS विशाखा ने पीएम के स्वागत की तस्वीरें शेयर कर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की.

उन्होंने कहा, 'पापुम पारे में पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करने का अवसर पाकर मैं गर्व महसूस कर रही हूं.' विशाखा यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी लाखों रुपये की नौकरी छोड़ दी. बिना किसी कोचिंग की मदद के, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर छठी रैंक हासिल की थी.

उन्होंने कहा, ‘पापुम पारे में पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत करने का अवसर पाकर मैं गर्व महसूस कर रही हूं.’ विशाखा यादव ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी के लिए अपनी लाखों रुपये की नौकरी छोड़ दी. बिना किसी कोचिंग की मदद के, उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में अखिल भारतीय स्तर पर छठी रैंक हासिल की थी.

दिल्ली की रहने वाली विशाखा यादव IAS अधिकारी बनने से पहले एक इंजीनियर थीं. उन्होंने दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर बेंगलुरु स्थित सिस्को में नौकरी शुरू की, लेकिन उनका सपना IAS बनने का था, जिसके लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी.

दिल्ली की रहने वाली विशाखा यादव IAS अधिकारी बनने से पहले एक इंजीनियर थीं. उन्होंने दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर बेंगलुरु स्थित सिस्को में नौकरी शुरू की, लेकिन उनका सपना IAS बनने का था, जिसके लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी.

इंजीनियर की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी से पढ़ाई की शुरुआत की. विशाखा पहले दो प्रयासों में विफल रहीं, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने बाजी मार ली और IAS बन गईं. उन्होंने UPSC परीक्षा में 2,025 में से 1,046 अंक हासिल किए थे, जो देश का छठवां सबसे ज्यादा अंक था.

इंजीनियर की नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने बिना कोचिंग के सेल्फ स्टडी से पढ़ाई की शुरुआत की. विशाखा पहले दो प्रयासों में विफल रहीं, लेकिन तीसरे प्रयास में उन्होंने बाजी मार ली और IAS बन गईं. उन्होंने UPSC परीक्षा में 2,025 में से 1,046 अंक हासिल किए थे, जो देश का छठवां सबसे ज्यादा अंक था.

उच्च वेतन की नौकरी छोड़ बिना कोचिंग के आखिरकार विशाखा ने अपना सपना पूरा किया. 1994 में दिल्ली में जन्मी विशाखा के पिता राजकुमार यादव एक सहायक उप-निरीक्षक हैं, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं.

उच्च वेतन की नौकरी छोड़ बिना कोचिंग के आखिरकार विशाखा ने अपना सपना पूरा किया. 1994 में दिल्ली में जन्मी विशाखा के पिता राजकुमार यादव एक सहायक उप-निरीक्षक हैं, जबकि उनकी मां एक गृहिणी हैं.

Published at : 27 Sep 2025 12:23 AM (IST)



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