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भारत का फाइटर जेट मिराज-2000 होगा अपग्रेड, अब 160KM तक नहीं बचेगा टारगेट
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भारत का फाइटर जेट मिराज-2000 होगा अपग्रेड, अब 160KM तक नहीं बचेगा टारगेट

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Mirage 2000: भारतीय वायुसेना (IAF) मुख्यालय मिराज 2000 लड़ाकू विमानों की अपग्रेडेड फ्लीट में स्वदेशी अस्त्र Mk 1 बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर टू एयर मिसाइल (BVRAAM) को शामिल करने पर गंभीरता से विचार कर रहा है. यह फैसला विदेशी अगली पीढ़ी की मिसाइलों के आने तक वायुसेना की क्षमतागत कमी को पाटने में अहम भूमिका निभा सकता है.

वर्तमान में भारतीय वायुसेना के मिराज 2000 विमान MICA IR और MICA RF मिसाइलों पर निर्भर हैं, जिनकी प्रभावी मारक दूरी लगभग 80 किलोमीटर बताई जाती है. रक्षा सूत्रों के अनुसार, यह रेंज अब क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों के पास मौजूद लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों की तुलना में कम मानी जा रही है, जिससे वायु युद्ध क्षमता पर असर पड़ सकता है.

MICA NG पर काम जारी

idrw.org की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय रक्षा कंपनी MBDA अगली पीढ़ी की MICA NG (New Generation) मिसाइल पर काम कर रही है, जिसकी अनुमानित रेंज 150 से 160 किलोमीटर तक होगी. यह मिसाइल भारत के अपग्रेडेड Mirage 2000 5 विमानों के साथ संगत होने की पुष्टि कर चुकी है. हालांकि, इसकी डिलीवरी 2028 29 के अंत तक संभावित है, जबकि पूरी तरह ऑपरेशनल क्लीयरेंस मिलने में परीक्षण और एकीकरण प्रक्रिया के चलते 3 से 4 साल अतिरिक्त लग सकते हैं.

RDY 2 रडार से लैस हैं अपग्रेडेड मिराज 2000

भारतीय वायुसेना के अपग्रेडेड मिराज 2000 विमानों में Thales RDY 2 ऑल वेदर सिंथेटिक अपर्चर रडार लगाया गया है. यह रडार 5 वर्ग मीटर रडार क्रॉस सेक्शन वाले फाइटर टारगेट को 120 से 140 किलोमीटर की दूरी से ट्रैक करने में सक्षम है. पहले के मिराज वेरिएंट में Thomson CSF RDM रडार था, लेकिन RDY 2 अब मल्टी मोड और बीवीआर युद्ध के लिए कहीं अधिक सक्षम माना जा रहा है. यदि Astra Mk 1 को मिराज 2000 में शामिल करने की मंजूरी मिलती है, तो इसके लिए Thales के साथ तकनीकी सहयोग आवश्यक होगा. इससे RDY 2 रडार और Astra मिसाइल के बीच सटीक डेटा लिंक स्थापित किया जा सकेगा, ताकि मिसाइल की फायर एंड फॉरगेट क्षमता और गाइडेंस पूरी तरह प्रभावी रहे. Astra Mk 1 पहले ही Su 30MKI और तेजस लड़ाकू विमानों पर सफलतापूर्वक ऑपरेशनल हो चुकी है.

स्वदेशी विकल्प से जल्द मिलेगा रणनीतिक लाभ

MICA NG के पूरी तरह तैयार होने में जहां 2030 के शुरुआती वर्षों तक का इंतजार हो सकता है, वहीं Astra Mk 1 एक समयबद्ध, किफायती और स्वदेशी अंतरिम समाधान के रूप में सामने आ रही है. RDY 2 रडार की मजबूत डिटेक्शन क्षमता के साथ Astra Mk 1 की तैनाती मिराज 2000 बेड़े की मारक दूरी और घातक क्षमता को जल्दी बढ़ा सकती है.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

Astra Mk 1 को मिराज 2000 में शामिल करने का फैसला आत्मनिर्भर भारत पहल को मजबूती देगा. इससे न केवल स्वदेशी मिसाइल प्रणाली का व्यापक उपयोग होगा, बल्कि विदेशी अपग्रेड्स पर निर्भरता भी कम होगी. साथ ही, यह मिराज 2000 विमानों को भविष्य के चुनौतीपूर्ण हवाई युद्ध परिदृश्यों में प्रासंगिक बनाए रखने में मदद करेगा.



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