केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (26 दिसंबर, 2025) को कहा कि पहलगाम की बैसरन घाटी में हुआ हमला पूरे देश को झकझोर देने वाला था. इस हमले के जरिए आतंकवादियों का मकसद देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना और कश्मीर में शुरू हुए विकास और पर्यटन के नए युग को झटका देना था. उन्होंने कहा कि सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर हमारी सेनाओं ने तीनों आतंकवादियों को मार गिराया और पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया.
अमित शाह ने कहा कि यह पहली आतंकी घटना है, जिसमें हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए आतंकी हमले की योजना बनाने वालों को सजा दी और ऑपरेशन महादेव के जरिए उन लोगों को मार गिराया जिन्होंने हथियार मुहैया कराकर इस वारदात को अंजाम दिया.
नई दिल्ली में एंटी-टेररिज्म कॉन्फ्रेंस-2025 का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘एनआईए ने एक समान एटीएस संरचना बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है और इसे राज्यों की पुलिस बलों को भेज दिया है.’ उन्होंने स्पष्ट किया कि जब हम पूरे देश में एक समान एटीएस संरचना स्थापित करते हैं तो इससे हमें हर स्तर पर एक समान तैयारी का अवसर मिलता है.’
गृहमंत्री ने कहा कि एटीएस की समान संरचना और परिचालन एकरूपता हमें आतंकवादियों पर मुकदमा चलाने में लाभ देती है. जब तक हम परिचालन एकरूपता प्राप्त नहीं कर लेते, तब तक हम खतरों का सटीक आकलन नहीं कर सकते. खुफिया जानकारी साझा करने का उचित उपयोग नहीं कर सकते या समन्वित जवाबी कार्रवाई नहीं कर सकते. शाह ने इस बात पर जोर दिया कि हमें जांच से लेकर अभियोजन और जवाबी कार्रवाई तक एकरूपता सुनिश्चित करनी चाहिए.
अमित शाह ने कहा कि साइबर और सूचना युद्ध, आर्थिक नेटवर्क के दुरुपयोग और आतंकवाद के हाइब्रिड स्वरूप से निपटने के लिए हमें एक मजबूत राष्ट्रीय ग्रिड जैसी प्रणाली विकसित करनी होगी, जो सतर्क हो और त्वरित, परिणामोन्मुखी कार्रवाई करने में सक्षम हो और यह केवल ऐसे सम्मेलनों के माध्यम से ही संभव है. उन्होंने कहा कि बहुस्तरीय सुरक्षा मॉडल का निर्माण और आतंकवाद के खिलाफ कठोर दृष्टिकोण अपनाना, यही वे उपाय हैं जो हमें आने वाले दिनों में सुरक्षित रख सकते हैं.
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