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‘वैश्विक मानकों पर खरा उतरना अभी बाकी’, स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ पर हिताची रेल इंडिय
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‘वैश्विक मानकों पर खरा उतरना अभी बाकी’, स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ पर हिताची रेल इंडिय

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रेलवे समाधान प्रदान करने वाली कंपनी हिताची रेल इंडिया के एक शीर्ष अधिकारी ने गुरुवार (23 अक्टूबर, 2025) को भारत की स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि कवच सुरक्षा प्रणाली का वैश्विक मानकों पर खरा उतरना अभी बाकी है.

कवच स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित स्वचालित ट्रेन सुरक्षा (ATP) सिस्टम है. रेल मंत्रालय का कहना है कि यह अत्यधिक प्रौद्योगिकी-प्रधान प्रणाली है और उच्चतम सुरक्षा प्रमाणन के साथ आती है. ट्रेन के चालक की ओर से ब्रेक न लगा पाने की स्थिति में कवच स्वचालित रूप से ब्रेक लगाकर उसे निर्दिष्ट गति सीमा के भीतर ट्रेनों को चलाने में सहायता करता है. यह खराब मौसम के दौरान ट्रेन की सुरक्षा को भी बढ़ाता है.

हिताची रेल भारत के पूर्वकालिक निदेशक ने क्या कहा?

भारतीय रेलवे नेटवर्क पर कवच प्रणाली को बड़े पैमाने पर तैनात किए जाने की प्रक्रिया में जापानी कंपनी हिताची के भागीदार न होने के बारे में पूछे जाने पर हिताची रेल STS इंडिया के पूर्णकालिक निदेशक और कंपनी प्रतिनिधि मनोज कुमार कृष्णप्पा ने कहा कि कवच अभी वैश्विक मानकों के अनुरूप नहीं है.

कृष्णप्पा ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा, ‘हम कवच समाधानों का हिस्सा नहीं बने क्योंकि यह भारतीय रेलवे के लिए एक स्वदेशी जरूरत है. मुझे बहुत खुशी है कि कई भारतीय कंपनियां कवच पर काम कर रही हैं. हिताची इंडिया को इस बात पर गर्व है कि यह एक भारतीय उत्पाद है.’ उन्होंने कहा, ‘यह अभी वैश्विक मानकों की जरूरतों के अनुरूप एक स्थापित प्रौद्योगिकी नहीं है. इसलिए हम प्रतीक्षा कर रहे हैं और इस पर नजर रखे हुए हैं.’

साल 2018-19 में की थी कवच सिस्टम की शुरुआत

रेल मंत्रालय ने साल 2018-19 में कवच प्रणाली की शुरुआत की थी. हालांकि, देश भर के कई रेल खंडों पर यह प्रणाली पहले ही लगाई जा चुकी है, लेकिन इसे अभी चालू किया जाना बाकी है. रेल मंत्रालय का दावा है कि कवच प्रणाली यूरोपीय ट्रेन नियंत्रण प्रणाली (ETCS) के स्तर-2 के बराबर है. कवच के आगमन से पहले हिताची रेल एसटीएस इंडिया ने साल 2016 में भारत की पहली उच्च गति वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस में ट्रेन सुरक्षा और चेतावनी प्रणाली (TPWS) को लागू किया था.

कृष्णप्पा ने कवच प्रणाली के TPWS से बेहतर होने के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘TPWS कहीं एक बेहतर प्रौद्योगिकी है. भारत ने मुख्य रूप से लागत और अन्य कारणों से TPWS को नहीं अपनाया.’ उन्होंने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि भारत को किसी-न-किसी मोड़ पर आत्मनिर्भर बनना ही होगा. हमें साल 2047 के लिए प्रधानमंत्री मोदी के सपने को साकार करना होगा. हमारे अपने उत्पाद और अपनी भारतीय कंपनियां होनी चाहिए.’ उन्होंने आगे कहा कि पिछले 27 सालों से भारत में मौजूद हिताची रेल एसटीएस ने भारतीय रेलवे नेटवर्क पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, ऑटो ब्लॉक सिग्नलिंग और केंद्रीकृत यातायात नियंत्रण (सीटीसी) सहित कई उन्नत तकनीकों को पेश किया है.

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