गोवा के अरपोरा नाइट क्लब में देर रात भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई. इस घटना के वीडियो में नजर आ रहा है कि कैसे डांस फ्लोर पर मौज-मस्ती अचानक चीख-पुकार में बदल गई. इस मामले में गोवा सरकार के तत्कालीन पंचायत निदेशक समेत तीन वरिष्ठ अधिकारियों को रविवार (7 दिसंबर 2025) को निलंबित कर दिया गया. क्लब को 2023 में परिचालन शुरू करने की अनुमति देने में इन अधिकारियों की भूमिका के लिए उन्हें निलंबित कर दिया गया.
तीन सरकार के इन अधिकारियों पर गिरी गाज
निलंबित अधिकारियों में तत्कालीन पंचायत निदेशक सिद्धि तुषार हरलंकर, गोवा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में तत्कालीन सदस्य सचिव डॉ. शमिला मोंटेइरो और ग्राम पंचायत अरपोरा-नागोआ के तत्कालीन सचिव रघुवीर बागकर शामिल हैं.
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उन्हें अरपोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब को 2023 में परिचालन शुरू करने की अनुमति देने के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. पुलिस ने अरपोरा-नागोवा पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर से पूछताछ की, जिन्होंने क्लब को व्यापार लाइसेंस जारी किया था.
इस मामले में नाइट क्लब के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने चीफ मैनेजर और 3 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है. क्लब मालिक फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं जिसकी तलाश की जा रही है.
जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कर्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने हादसे की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश देते हुए घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा है. हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और कई केंद्रीय मंत्रियों ने दुख जताया है और पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.
गोवा सरकार ने किया मुआवजे का ऐलान
सीएम सावंत ने कहा, ‘मुख्य सचिव, डीजीपी, आईजीपी, सचिव, राजस्व कलेक्टर, उत्तर एसपी सहित अपने संबंधित अधिकारियों के साथ एक तत्काल और उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई, जिसमें मजिस्ट्रेट जांच कराने का निर्णय लिया.‘
उन्होंने कहा कि डीजीपी को क्लब के मालिक और मैनेजर सहित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. सीएम ने मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये मुआवजा की घोषणा की है.
अब तक इन लोगों की हुई है गिरफ्तारी
इस बीच अरपोरा-नागोआ के पंचायत सरपंच रोशन रेडकर को आग लगने की घटना के सिलसिले में हिरासत में लिया गया है. उन्हें 2013 में परिसर के लिए व्यापार लाइसेंस जारी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था. नाइटक्लब में लगी आग मामले में गोवा के DGP आलोक कुमार ने कहा, “गिरफ्तार किए गए लोगों में चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोदक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजवीर सिंघानिया और गेट मैनेजर प्रियांशु ठाकुर शामिल हैं.
पीएम मोदी ने भी किया मुआवजे का ऐलान
पीएम मोदी ने भी गोवा में हुए दर्दनाक हादसे के बाद पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की है. हादसे में जिन लोगों की मौत हुई है, उनके परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से दो लाख रुपये दिए जाएंगे. वहीं, हादसे में घायल हुए लोगों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी.


