आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अल-कायदा का फरीदाबाद-सहारनपुर मॉड्यूल जैश ए मोहम्मद और अंसार गजवातुल हिन्द (AGuH) के जिस हंजल्ला नाम के कमांडर पोस्टर की वजह से पकड़ा गया था, उस आतंकी हंजल्ला की पहचान आखिरकर एजेंसियों ने जांच के दो हफ्ते बाद कर ली है, जिसके नाम के धमकी भरे पोस्टर जम्मू कश्मीर के तीन अहम इलाकों में लगाए गए थे.
पोस्टर में आतंकी कमांडर ने क्या दी थी धमकी?
असल में 17 अक्टूबर, 2025 को जम्मू कश्मीर के नौगाम, बनपुरा और श्रीनगर में जैश ए मोहम्मद के कमांडर हंजल्ला के नाम से धमकी भरे पोस्टर मौलवी इरफान अहमद वागे ने लगवाए थे. पोस्टर में लिखा था कि जो भी व्यक्ति एजेंसियों के लोगों से बात करेगा या उन्हें अपने पास बैठाएगा, उसे मौत के घाट उतार दिया जाएगा. इसी पोस्टर की जांच करने के बाद पहले मौलवी इरफान अहमद वागे पकड़ा गया था और फिर इरफान के बयान के आधार पर जब डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर अदील अहमद राठर को पकड़ा गया था.
एजेंसियों ने जांच में किया खुलासा
जांच एजेंसियों की पूछताछ में सामने आया था कि इरफान को पोस्टर लगाने के लिए अंसार गजवातुल हिन्द (AGuH) के हैंडलर ने कहा था, जिससे मौलवी इरफान टेलीग्राम के जरिए संपर्क में था. ऐसे में जांच एजेंसियों ने जब आतंकी हंजल्ला की ट्रैकिंग की, तो पता चला कि ये आतंकी हंजल्ला पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय है और कोटली से अपना आतंक का नेटवर्क चला रहा है.
PoK का रहने वाला है आतंकी कमांडर हंजल्ला
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) का रहना वाला आतंकी कमांडर हंजल्ला साल 2016 से जैश ए मोहम्मद के साथ जुड़ा था और फिर 2023 में जैश ने इसे अल कायदा की मदद से अंसार गजवातुल हिन्द (AGuH) का कमांडर बना दिया. इस समय आतंकी हंजल्ला जैश ए मोहम्मद और अंसार गजवात उल हिन्द का OGW नेटवर्क सोशल मीडिया के जरिए तैयार करता है. इसके साथ ही PoK में जैश के लिए आतंकियों की भर्ती भी करता है.
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