ऑपरेशन सिंदूर के 7 महीने के बाद पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा एक बार फिर से भारत में हमला करने की तैयारी में है और ABP न्यूज को खुफिया सूत्रों से मिली एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, भारत में हमले के लिए लश्कर ने तैयारी शुरू कर दी है. पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के आदेश पर लश्कर ने अपने ट्रेन किए 12 फिदायीन आतंकियों को इस्लामिक स्टेट खोरासान (ISKP) में शामिल करवाया है.
ISI भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रच रहा
ABP न्यूज़ के हाथ लगी एक्सक्लूसिव जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने लश्कर को आदेश दिया है कि भारत में अगला बड़ा हमला लश्कर के 12 ट्रेन किए हुए फिदायीन आतंकियों के ग्रुप से करवाया जाए, लेकिन इन्हें ISKP में शामिल दिखाया जाए. इससे पाकिस्तान या लश्कर का नाम सीधे नहीं आएगा और हमला वैश्विक आतंकवाद (ISKP) से जुड़ा माना जाएगा.
ग्रुप की कमान किसके पास है?
- इस लश्कर-ISKP फिदायीन ग्रुप की कमान लश्कर के कमांडर अबू हुरैरा को सौंपी गई है, जो भारत में 2021 से एक्टिव है.
- डिप्टी कमांडर मोहम्मद उमर उर्फ खरगोश है, जो 2022 से भारत में सक्रिय है.
- ग्रुप में शामिल एक प्रमुख आतंकी अबू दुजाना है, जो पाकिस्तान के पंजाब के चीचावटनी का रहने वाला है. उसे 2018 में लश्कर ने ट्रेन किया था और 2024 में 18 साल की उम्र में जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करवाई गई.
इन 12 फिदायीन आतंकियों की ट्रेनिंग कहां हुई?
इन आतंकियों की ट्रेनिंग लश्कर के मुजफ्फराबाद (PoK) स्थित अब्दुल्लाह बिन मसूद कैंप और फॉरवर्ड कहुटा के मस्के उमर बिन खत्ताब में अलग-अलग सालों में हुई. अबू दुजाना और उमर लोन की 2018 में बारामूला में ट्रेनिंग के दौरान दोस्ती हुई थी. उमर लोन को जून 2024 में बांदीपोरा में सुरक्षा बलों ने मार गिराया था.

ISI की रणनीति क्या है?
खुफिया एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि-
- ऑपरेशन सिंदूर के बाद मई 2025 में ISI ने लश्कर की सभी गतिविधियां थोड़े समय के लिए रोकने और आतंकियों को लो प्रोफाइल करने का आदेश दिया था.
- अगस्त 2025 में PoK सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर फैक अयूब (पंजाब के कसाई के नाम से मशहूर) ने लश्कर के टॉप कमांडर सैफुल्लाह साजिद जट्ट और हुजैफा बकरवाल से बैठक की.
- बैठक में 10-12 फिदायीन को ISKP में शामिल करने और हमला इन्हीं से करवाने का आदेश दिया गया, ताकि पाकिस्तान की ‘डिनाएबिलिटी’ (इंकार करने की क्षमता) बनी रहे.
- रावलपिंडी में रहने वाले हुजैफा बकरवाल और लश्कर के नाजिम ए आला राणा अशफाक की मदद से यह मॉड्यूल बनाया गया. हुजैफा बकरवाल अभी इस ग्रुप का संचालन कर रहा है.
ISI ने जॉइंट मॉड्यूल की रणनीति बनाई
डिफेंस एक्सपर्ट और ग्लोबल काउंटर टेररिज्म काउंसिल के एडवाइजर रिटायर्ड कर्नल शैलेन्द्र सिंह के मुताबिक, भारत ने पहलगाम के हमले के बाद फैसला किया था कि हर आतंकी हमले को एक्ट ऑफ वॉर माना जाएगा. लश्कर-इस्लामिक स्टेट्स के जॉइंट मॉड्यूल की रणनीति ISI ही बना सकता है. पाकिस्तान की मजबूरी है कि नई रणनीति में आतंकी और कमांडर लश्कर के होने के बावजूद नाम ISKP का होगा.

हिंदूओं की गर्दन काटने से मिलेगी आजादी
जम्मू-कश्मीर में इस जॉइंट मोड्यूल के एक्टिव होने के बाद लश्कर ने फिर से भारत को खुलेआम धमकी दी है. 13 जनवरी 2026 को PoK के रावलाकोट (हजीरा इलाका) में लश्कर के प्रमुख आतंकी अब्दुल्लाह कश्मीरी उर्फ अबू मूसा ने मारे गए आतंकियों की दुआ पढ़ी और कहा, ‘कश्मीर आजादी भीख मांगने से नहीं, बल्कि हिंदूओं की गर्दनें काटने से मिलेगी.’ अबू मूसा ने पूर्व Pok प्रधानमंत्री अनवर उल हक के हवाले से कहा कि कश्मीर का मुद्दा सिर्फ आतंकवाद और जिहाद से हल होगा.

पाकिस्तान का नाम न आने की शर्त पर दिया ग्रीन सिग्नल
भारतीय खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू कश्मीर में आतंकवाद की देखरेख की कमान इस समय पाकिस्तानी सेना के एक्स कॉर्प्स के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद एहसान नवाज और ISI का Pok का सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर फैक अयूब संभाल रहे हैं. अक्टूबर 2025 में जैश-ए-मोहम्मद और दिसंबर में लश्कर को पाकिस्तान का नाम न आने की शर्त पर हमले फिर से शुरू करने का ग्रीन सिग्नल दिया गया है.


