ई़डी की श्रीनगर टीम ने 25 नवंबर 2025 को अब्दुल मोमिन पीर और उनकी पत्नी सैयद सदफ अंदराबी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चार्जशीट दाखिल की. ये चार्जशीट जम्मू की PMLA स्पेशल कोर्ट में दाखिल की गई. कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 12 दिसंबर 2025 को पेश होने का नोटिस भेजा है.
ED ने ये जांच एक FIR के आधार पर शुरू की थी. जो 2020 में हंदवाड़ा पुलिस स्टेशन में NDPS Act के तहत दर्ज हुई थी. बाद में ये केस NIA ने अपने हाथ में ले लिया और इसे UAPA, NDPS Act और IPC की धाराओं के तहत रजिस्टर्ड किया गया. NIA पहले ही इस केस में अब्दुल मोमिन पीर समेत 14 लोगों के खिलाफ चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
दो बार पहले भी हो चुका गिरफ्तार
ED की जांच में सामने आया कि अब्दुल मोमिन पीर को 2017 से अब तक दो बार हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया गया है. वो लंबे समय से ड्रग स्मगलिंग और ड्रग की सप्लाई में शामिल था. उसने करीब 2.15 करोड़ हेरोइन बेचकर और दूसरे आरोपियों से ट्रांसपोर्टेशन चार्ज के नाम पर कमाए. इसी काले पैसे से उसने श्रीनगर के बेमिना हाइग कॉलोनी में प्लॉट नंबर 79 पर स्थित एक घर अपनी पत्नी के नाम खरीदा. इस घर की कीमत 1.5 करोड़ बताई गई है.
ED का कहना है कि अब्दुल मोमिन पीर ने ड्रग बेचकर कमाए हुए पैसे को अपने बिजनेस की कमाई बताकर सफेद दिखाने की कोशिश की. इसके लिए उसने पत्नी के नाम पर प्रॉपर्टी खरीदी और बैंक खातों में इन पैसों को लीगल इनकम की तरह दिखाया.
1.5 करोड़ की संपत्ति अटैच कर चुकी ईडी
जांच में ये साफ हुआ कि अब्दुल मोमिन पीर और सैयद सदफ अंदराबी दोनों मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क का हिस्सा थे. ब्लैक मनी कमाना, उसे छिपाना, उसे खर्च करना और उसे साफ पैसे की तरह दिखाना. इन सब वजहों से दोनों पर PMLA की धारा 3 और 4 के तहत कार्रवाई की गई है. इस केस में ED पहले ही 1.5 करोड़ की प्रॉपर्टी को अटैच कर चुकी है. जांच अभी भी जारी है.


