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बंगाल में SIR अधिकारियों को बंधक बनाने पर ECI सख्त, SC की फटकार के बाद NIA के हवाले जांच
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बंगाल में SIR अधिकारियों को बंधक बनाने पर ECI सख्त, SC की फटकार के बाद NIA के हवाले जांच

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Malda SIR Protest: पश्चिम बंगाल के मालदा में एसआईआर अधिकारियों को बंधक बनाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद Election Commission of India ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है. चुनाव आयोग के सचिव सुजीत कुमार मिश्रा ने एनआईए के महानिदेशक को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि मालदा की घटना की विस्तृत जांच की जाए और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए.

एनआईए के हवाले मालदा केस

चुनाव आयोग के अनुसार, एनआईए की टीम शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा कर सकती है और मामले की जांच शुरू करेगी. गौरतलब है कि मालदा में प्रदर्शन के दौरान एसआईआर अधिकारियों को करीब 9 घंटे तक बंधक बनाए जाने की घटना को सुप्रीम कोर्ट ने गंभीरता से लिया था, जिसके बाद इस पूरे मामले में जांच एजेंसी को शामिल करने का फैसला किया गया है.

दूसरी ओर इस मामले में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव में कथित संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने एक चुनाव उम्मीदवार समेत कम से कम 17 लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस के अनुसार, Maulana Shahjahan Ali, जो Indian Secular Front (आईएसएफ) के उम्मीदवार हैं, को 16 अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार कर जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

पुलिस कर रही गिरफ्तारी

अधिकारी ने बताया कि ये सभी आरोपी बुधवार को मालदा के मोथाबारी विधानसभा क्षेत्र के कलियाचक द्वितीय ब्लॉक कार्यालय में हुई घटना में शामिल थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची से जुड़े काम में लगे सात न्यायिक अधिकारियों का करीब साढ़े सात घंटे तक घेराव किया था, जिनमें तीन महिला अधिकारी भी शामिल थीं.

हालांकि, मौलाना शाहजहां अली ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें उनकी राजनीतिक संबद्धता के कारण झूठा फंसाया जा रहा है. उन्होंने दावा किया कि घटना के समय वे मौके पर मौजूद नहीं थे और एक धार्मिक कार्यक्रम से लौटते वक्त उन्हें गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.

ये भी पढ़ें: ’12 बार जीत का दावा, अमेरिका पर बढ़ता आर्थिक कर्ज..’, ट्रंप ईरान से युद्ध में अगले तीन हफ्तों में क्या हासिल करना चाहते हैं?



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