दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान में मौजूद ISI समर्थित गैंगस्टर-टर्न्ड-आतंकी शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों की ओर से चलाए जा रहे एक अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय आतंकवाद मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए तीन आतंकवादियों को गिरफ्तार किया है. ये मॉड्यूल गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर मंगलवार (25 नवंबर, 2025) को किए गए ग्रेनेड हमले में भी शामिल था.
दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार (28 नवंबर, 2025) को मध्य प्रदेश के दरिया से 19 साल के विकास प्रजापति उर्फ बेटू को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद शनिवार (29 नवंबर) को पंजाब के फिरोजपुर से 19 साल के हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत सिंह और रविवार (30 नवंबर, 2025) सुबह उत्तर प्रदेश के बिजनौर से 22 साल के आसिफ उर्फ अरिश को गिरफ्तार किया गया है.
आतंकी मॉड्यूल के बारे में स्पेशल सेल के अधिकारी ने दी जानकारी
दिल्ली पुलिस ने कहा कि आतंकी विकास के पास से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं. साथ ही आतंकियों के मोबाइल फोन में शहजाद भट्टी और उसके विदेश में स्थित नेटवर्क के साथ किए गए कई सोशल मीडिया चैट्स और हमले से संबंधित वीडियो भी बरामद हुए हैं.
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल के एडिशनल कमिश्नर प्रमोद कुशवाह ने एबीपी न्यूज को बताया कि स्पेशल सेल की पूर्वी रेंज टीम ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी शहजाद भट्टी पर गुप्त निगरानी रखी हुई थी, जो भारत में आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहा था. निगरानी के दौरान पुलिस को पता चला कि विकास प्रजापति उर्फ बेटू, जोकि एक हथियार तस्करी मामले में वांटेड था, भट्टी के संपर्क में था और सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए उससे बात करता था. उसकी लोकेशन गुरदासपुर, पंजाब में पाई गई थी और फिर दिल्ली की ओर आते समय उसकी ट्रैक की गई.
कुशवाह ने बताया कि भट्टी उसे अक्सर अपने फोन को बंद रखने के निर्देश देता था. 48 घंटे की लगातार खोज के बाद, पुलिस को सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने विकास को मध्य प्रदेश के दतिया के इंदेगढ़ से गिरफ्तार कर लिया.
सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को लालच देता था भट्टी
कुशवाह ने आगे कहा कि मॉड्यूल का पाकिस्तानी हैंडलर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भारतीय युवाओं को टारगेट किया था. उन्हें पैसे का लालच देकर रिक्रूट किया गया और उनके सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के जरिए उनका चयन किया गया. भट्टी और उसके साथी पूरे ऑपरेशन को दूर से नियंत्रित करते थे, जैसे कि रेकी कराना, पैसे पहुंचाना, लॉजिस्टिक्स और टारगेट के बारे में बताना.
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में क्या हुआ खुलासा?
दिल्ली पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि यह एक विदेशी नियंत्रण वाला आतंकवादी मॉड्यूल था, जिसमें पैसे के लालच से युवाओं को इस्तेमाल किया जाता था और फिर उन्हें आतंकवादी हमलों के लिए भेजा जाता था.
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, विकास प्रजापति उर्फ बेटू, मध्य प्रदेश के दतिया का निवासी है और इंदेगढ़ की अनाज मंडी में मजदूरी करता था. उसने गैंगस्टर-टर्न्ड-आतंकी शहजाद भट्टी के सोशल मीडिया पर प्रभाव से प्रेरित होकर, भट्टी से इंस्टाग्राम के माध्यम से कॉन्टैक्ट किया. भट्टी ने उसे पैसों का लालच दिया और अवैध हथियार तस्करी के मामलों में भी उसे शामिल किया और फिर भट्टी ने विकास को गुरदासपुर भेजा, जहां उसे एक पार्सल मुहैया कराया गया. भट्टी ने वीडियो कॉल के जरिए विकास को हैंडग्रेनेड को खोलने और उसे एक्टिव करने का तरीका बताया. विकास ने गुरदासपुर और अमृतसर के पुलिस स्टेशनों की रेकी की और वीडियो भेजे और फिर भट्टी ने उसे हरगुनप्रीत सिंह और उसके सहयोगी को ग्रेनेड सौंपने का निर्देश दिया.
वहीं दूसरे गिरफ्तार आतंकी हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत के बारे में पुलिस ने बताया कि हरगुनप्रीत पंजाब के फिरोजपुर का निवासी है और कक्षा 12 तक ही पढ़ाई की है. वह भट्टी से एक दोस्त के जरिए संपर्क में आया. पैसों के लालच में वह गुरदासपुर पुलिस स्टेशन पर हमला करने के लिए तैयार हो गया और पिछले हफ्ते मंगलवार (25 नवंबर, 2025) को उसने और उसके साथियों ने गुरदासपुर पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका.
भट्टी ने आसिफ को ग्रेनेड हमला करने के लिए भेजा था पंजाब- दिल्ली पुलिस
जबकि तीसरे गिरफ्तार आतंकी आसिफ उर्फ अरिश के बारे में पुलिस ने बताया कि आसिफ उत्तर प्रदेश के बिजनौर के मच्छमार गांव का रहने वाला है, जोकि सिर्फ कक्षा 5 तक ही पढ़ा है. वह लगभग ढाई महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए शहजाद भट्टी से जुड़ा था. भट्टी ने उसे पंजाब में एक ग्रेनेड फेंकने का निर्देश दिया और उसे एक नक्शा और फोटो भेजा था. इसके अलावा दिल्ली पुलिस ने बताया कि इस मामले में बाकी फरार व्यक्तियों की तलाश के लिए छापेमारी भी जारी है.
यह भी पढ़ेंः SIR, BLO की मौत और दिल्ली धमाका… संसद में इन मुद्दों पर घेरेगी कांग्रेस, सरकार का क्या है एजेंडा?


