दिल्ली पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में बड़ी कार्रवाई करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है. इन पर पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों के समर्थन में ऑनलाइन सामग्री पोस्ट करने का आरोप है. सूत्रों के अनुसार, तिरुपुर में कुछ व्यक्तियों की ओर से सोशल मीडिया पर चरमपंथी और आतंकी समर्थन वाली कंटेटे साझा किए जाने की खुफिया जानकारी मिली थी. इसके बाद दिल्ली पुलिस की क्यू ब्रांच की एक विशेष टीम जांच के लिए तिरुपुर पहुंची.
ANI के मुताबिक जांच के दौरान पुलिस ने छह संदिग्धों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया. इनमें दो आरोपियों को उथुकुली से, तीन को पल्लडम से और एक को थिरुमुरुगनपुंडी इलाके से पकड़ा गया. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर रहे थे. इन दस्तावेजों के जरिए वे तिरुपुर के गारमेंट उद्योग में रोजगार बनाए हुए थे. दिल्ली पुलिस की तरफ से तमिलनाडु से गिरफ्तार किए गए छह आरोपियों के नाम मिजानुर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर, मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्ज्वल है. वहीं इस मामले में पश्चिम बंगाल से दो और आरोपियों की गिरफ्तार किया गया है. इस तरह से दिल्ली पुलिस ने अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है.
मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त
दिल्ली पुलिस की टीम ने आरोपियों के पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड जब्त किए हैं. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच की जाएगी, ताकि नेटवर्क और संभावित संपर्कों का पता लगाया जा सके.
दिल्ली ले जाया गया
गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को आगे की पूछताछ के लिए ट्रेन से दिल्ली ले जाया गया है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनका किसी बड़े नेटवर्क से संबंध तो नहीं है. इस कार्रवाई को राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है.
देशद्रोह का मामला
पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 124A को देशद्रोह कहा जाता था. अब नया कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 लागू हो गया है. इसके बाद पुरानी धारा हटा दी गई है. बता दें कि BNS की धारा 147 देशद्रोह से जुड़ी नहीं है. देशद्रोह जैसे मामलों से जुड़ा नियम अब BNS की धारा 152 में है. इसका नाम है भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले काम.
किन कामों पर यह धारा लग सकती है?
देश की एकता के खिलाफ बोलने या बोलने पर BNS की धारा 152 लगाई जाती है. अगर कोई आदमी बोलकर, लिखकर, इशारों से वीडियो, फोटो या पोस्ट के जरिए मोबाइल या सोशल मीडिया पर ऐसी बात फैलाता है जिससे देश की एकता या अखंडता को नुकसान हो सकता है तो उस पर कार्रवाई हो सकती है.


