केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्र शासित राज्य लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. मंत्रालय से जारी निर्देश में बताया गया है कि अरुणाचल प्रदेश के वर्तमान डीजीपी आनंद मोहन को दिल्ली भेज दिया गया है. लद्दाख के डीजीपी शिव दर्शन सिंह जामवाल को अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी की कमान सौंपी गई है. मुकेश सिंह को डीजीपी लद्दाख की कमान सौंपी है. निर्देश तत्काल रूप से प्रभावी कर दिए गए हैं.
किस बैच के IPS हैं DGP?
आनंद मोहन 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वह अरुणाचल प्रदेश के डीजीपी पद की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. उनके अलावा शिव दर्शन सिंह भी 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. वह लद्दाख डीजीपी की कमान संभाल रहे थे. मुकेश सिंह 1996 के आईपीएस अधिकारी हैं, वह केंद्रीय प्रतिनियुक्ति विभाग में थे, उन्हें अब लद्दाख डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
हाल ही में हरियाणा DGP भी बदले गए
दो दिन पहले ही हरियाणा में भी डीजीपी बदले गए हैं. सीनियर आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को हरियाणा का नया पुलिस महानिदेशक बनाया गया है. संघ लोक सेवा आयोग की चयन समिति ने बुधवार की बैठक के बाद तीन अधिकारियों के नाम हरियाणा सरकार को भेजे थे. इनमें 1990 बैच के शत्रुजीत कपूर, 1992 बैच के अजय सिंघल और 1993 बैच के आईपीएस आलोक मित्तल का नाम शामिल था.
राज्य सरकार ने 1992 के आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को डीजीपी पद की जिम्मेदारी के लिए चुना था. ओपी सिंह के रिटायरमेंट के बाद अजय सिंघल को हरियाणा का डीजीपी बनाने के निर्देश दिए गए हैं.
राज्य पुलिस का मुखिया होता है DGP
डीजीपी को हिंदी में पुलिस महानिदेशक कहा जाता है. यह किसी भी राज्य की पुलिस बल का मुखिया होता है. प्रशासनिक दृष्टी से हर राज्य को क्षेत्रीय मंडलों में बांटा जाता है. इसे रेंज कहा जाता है. प्रत्येक पुलिस रेंज, पुलिस महानिरीक्षक के प्रशासनिक कंट्रोल में होती है. एक रेंज में अनेक जिले शामिल होते हैं.


