दिल्ली में हुए ब्लास्ट मामले की जांच के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकी डॉक्टर शाहीन की अलमारी से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं. यह कैश शाहीन के कमरे नंबर 22 की अलमारी में रखा गया था और इसे एक साधारण पॉलीथिन में छुपाया गया था.
जांच में पता चला कि इसी साल 25 सितंबर को शाहीन ने यह रकम कैश में ही ब्रेजा कार खरीदने के लिए इस्तेमाल की थी. NIA फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि इतना बड़ा कैश शाहीन के पास आया कैसे. इसके अलावा, NIA ने शाहीन के अल फलह के एडमिन ब्लॉक में बने लाकर की भी तलाशी ली. एजेंसी की जांच जारी है और सभी सबूतों को इकट्ठा कर मामले की गहन पड़ताल की जा रही है.
शाहीन ने जांच एजेंसियों के सामने किया बड़ा खुलासा
आतंकी डॉक्टर शाहीन ने जांच एजेंसियों को बताया कि वह आतंकी मॉड्यूल में डॉक्टर मुजम्मिल के कहने पर शामिल हुई थी और वही करती थी जो मुजम्मिल उसे निर्देश देता था. इसके अलावा, एजेंसियों को डॉक्टर अबू उकाशाह नाम के हैंडलर का टेलीग्राम अकाउंट भी मिला है. इसी अकाउंट के माध्यम से डॉक्टर मुजफ्फर, डॉक्टर उमर और डॉक्टर आदिल साल 2022 में तुर्किए गए थे.
लखनऊ में रहता है डॉ. शाहीन का परिवार
डॉ. शाहीन का परिवार लखनऊ के डालीगंज स्थित घर नंबर 121 में रहता था. पिता ने बताया कि शाहीन के तीन भाई-बहन हैं. सबसे बड़े बेटे शोएब यहीं पिता के साथ रहता है, दूसरे नंबर पर शाहीन है जिनकी हाल ही में गिरफ्तारी हुई है और तीसरे नंबर पर परवेज है.
इलाहाबाद से की थी मेडिकल की पढ़ाई
शाहीन ने इलाहाबाद से मेडिकल की पढ़ाई की थी. वह कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत रही है. उसका चयन लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुआ था. साल 2009-2010 के बीच उसका कन्नौज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में तबादला भी हुआ था. साल 2013 में शाहीन अचानक बिना सूचना दिए मेडिकल कॉलेज कानपुर से अनुपस्थित हो गई, इसके बाद सूबे में चर्चा होने पर कॉलेज ने उनके रिकॉर्ड की जांच की थी.
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