चीन समेत भारत के साथ बॉर्डर साझा करने वाले देशों के लिए सरकार ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों को आसान बना दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में मंगलवार (10 मार्च) को हुई कैबिनेट बैठक में इसको लेकर फैसला लिया गया. वहीं, अब केंद्र सरकार की प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के नियमों में ढील दिये जाने को लेकर कांग्रेस ने निशाना साधा है. कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले पर तंज कसा.
कांग्रेस की ओर से कहा गया, ‘केंद्र सरकार के इस फैसले से उनको जरा भी हैरानी नहीं हुई, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2020 में 20 भारतीय जवानों की शहादत के बाद इसी देश को ‘क्लीन चिट’ दी थी. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार ने लद्दाख के देपसांग, डेमचोक और चुमार में गश्त के अधिकार खोने की बात भी स्वीकार की है.
जयराम रमेश ने एक्स पर किया पोस्ट
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने लिखा, ‘चीन से एफडीआई के लिए नियमों में ढील देने का मोदी सरकार का फैसला आश्चर्यजनक नहीं है. यह मोदी सरकार के उस देश के प्रति सोचे-समझे समर्पण का हिस्सा है, जिसे पूर्वी लद्दाख में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के बाद 19 जून 2020 को खुद नरेन्द्र मोदी ने क्लीन चिट दे दी थी.’
उन्होंने कहा, ‘चीन-भारत संबंधों को चीन की शर्तों पर सामान्य किया जा रहा है, यहां तक कि 2025 में भारत का व्यापार घाटा 115 अरब डॉलर से अधिक के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया. मोदी सरकार ने लद्दाख के देपसांग, डेमचोक और चुमार में गश्त के अधिकार खोने की बात भी स्वीकार की है.’
The decision of the Modi Govt to relax norms for FDI from China is not surprising. It is very much part of the Modi Govt’s callibrated capitulation to a country that was given a clean chit by Mr. Modi himself on June 19 2020 – after twenty jawans had been martyred in Eastern…
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) March 10, 2026
बता दें कि चीन समेत भारत के साथ बॉर्डर साझा करने वालों देशों के लिए डायरेक्ट विदेशी निवेश (FDI) के नियमों को और आसान बना दिया गया है. कैबिनेट बैठक में निवेश संबंधी दिशा-निर्देशों में बदलाव को मंजूरी दी है. कैबिनेट ने ‘प्रेस नोट 3 (2020)’ के सख्त नियमों में संशोधन किया है. हालांकि, इन निवेश पर क्षेत्र विशेष से जुड़ी सीमाएं और प्रवेश मार्ग समेत एफडीआई नियमों की अन्य शर्तें लागू रहेंगी.


