बिहार की राजधानी पटना में सोमवार (23 फरवरी) को चौकीदार और दफादारों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. पटना के डाक बंगला चौराहे पर दफादार-चौकीदार बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे. प्रदर्शन उग्र होने पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज करते हुए खदेड़ा. अब कांग्रेस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बिहार की BJP-JDU सरकार की ‘तानाशाही’ बताया.
कांग्रेस ने बीजेपी-जेडीयू पर साधा निशाना
कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल अकाउंट से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो पोस्ट कर लिखा,’बिहार की BJP-JDU सरकार की तानाशाही देखिए. चौकीदार शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, अपनी मांगों को उठा रहे थे. सरकार ने पुलिस भेजकर इन पर लाठियां चलवाईं. कई चौकीदार गंभीर रूप से घायल हैं. नरेंद्र मोदी और BJP की सरकारों को विरोध की आवाज बर्दाश्त नहीं है. ये संविधान में मिले अधिकार को कुचलने में लगे हैं.’
पोस्ट में आगे लिखा, ‘बिहार में रिटायर्ड चौकीदारों पर सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर लाठीचार्ज की है. ये वे लोग हैं, जिन्होंने सालों तक व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाई, और आज अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सड़क पर उतरे थे.’
चौकीदार-दफादार की क्या हैं मांग
चौकीदार और दफादार पूर्वजों की जगह नौकरी की मांग कर रहे हैं. इसके अलावा, मानदेय वृद्धि और सेवा संबंधी सुधार की मांग भी शामिल हैं. इसी को लेकर सोमवार को पटना में विरोध प्रदर्शन चल रहा था. पटना के कारगिल चौक से प्रदर्शनकारी निकले थे जो डाक बंगला चौराहे पर बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे थे. जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. जिसमें कई लोग घायल हो गए.
लाठीचार्ज पर क्या बोले एसपी?
न्यूज एजेंसी पीटीआई से बातचीत में पटना मध्य एसपी ममता कल्याणी ने बताया, “प्रदर्शनकारियों द्वारा मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति बाधित किए जाने के कारण पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. उन्होंने बताया कि लाठीचार्ज में कई चौकीदार घायल हुए हैं, हालांकि किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है.


