कांग्रेस सांसद शशि थरूर बिहार के सांस्कृतिक विकास को देखकर बेहद प्रभावित हुए. उन्होंने नालंदा यूनिवर्सिटी की तारीफ की. साथ ही बिहार के कुछ अन्य ऐतिहासिक स्थलों की तारीफ की. वह यहां नालंदा लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लेने पहुंचे थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि बिहार को लेकर उनकी जो पुरानी धारणाएं थीं, वे अब पूरी तरह बदल चुकी हैं.
उन्होंने आधुनिक बुनियादी ढांचे और ऐतिहासिक विरासत की सराहना की थी. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक कयास और एनडीए सरकार की तारीफ करने की बात की जाने लगी. अब इस पूरे मामले पर उन्होंने सफाई पेश की है. उन्होंने कहा है कि मैंने न तो बीजेपी का जिक्र किया और न ही किसी सीएम का जिक्र किया है.
Spent 2.5 hours at the Bihar Museum in Patna yesterday and it wasn’t nearly enough! The Museum is a world-class gem — the seamless blend of modern architecture and ancient treasures is stunning. I spent over two hours wandering through the Mauryan, Gupta, and Pala dynasty… pic.twitter.com/gDTYpmOU6W
— Shashi Tharoor (@ShashiTharoor) December 24, 2025
सफाई में क्या बोले शशि थरूर?
उन्होंने इस पूरे राजनीतिक विवाद पर अपनी सफाई देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है. उन्होंने कहा,’मैंने न तो बीजेपी का जिक्र किया और न ही किसी सीएम या नेता का नाम लिया. मैंने नालंदा यूनिवर्सिटी और दो म्यूजियम जिनकी मैंने सैर की, उनकी तारीफ की. इनमें बापू टावर और बिहार म्यूजियम शामिल है. मैंने भारतीयों को इन शानदार जगहों पर जाने की अपील की और कहा कि इन इलाकों में सड़कें और सुविधाएं अच्छी हैं. ऐसी आम बातों पर राजनीतिक विवाद क्यों खड़ा करना चाहिए, जिनका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है?
म्यूजियम की तारीफ करते हुए पोस्ट की तस्वीरें
इसके अलावा उन्होंने म्यूजियम को लेकर भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. इसमें उन्होंने कहा कि पटना के बिहार म्यूजियम में 2.5 घंटे बिताए हैं. यह बिल्कुल भी काफी नहीं था. यह म्यूजियम वर्ल्ड क्लास है. मॉर्डन आर्किटेक्चर और पुरानी चीजों का बेजोड़ मेल बहुत शानदार है. मैंने दो घंटे से ज्यादा मौर्य, गुप्त और पाल वंश के कलेक्शन में घूमते हुए बिताए. मुझे अब भी लगता है कि मैंने बहुत कुछ मिस कर दिया. इसमें बच्चों की गैलरी और आंगन की जगहें भी हैं.


