कांग्रेस नेता राहुल गांधी सोमवार (23 मार्च) को गुजरात के वडोदरा शहर में पार्टी के ‘आदिवासी अधिकार संविधान सम्मेलन’ में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने संसद में प्रधानमंत्री मोदी के दिए गए संबोधन को लेकर निशाना साधा. उन्होंने मोदी सरकार पर देश के सामने मौजूदा आर्थिक स्थिति से निपटने के लिए जरूरी दिशा और रणनीति नहीं होने का आरोप लगाया. भारत और यूएस के बीच ट्रेड डील को लेकर भी निशाना साधा.
US ट्रेड डील पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने कहा,भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते में पहली बार देश के कृषि क्षेत्र को सरकार द्वारा अमेरिकी उत्पादों के लिए खोला गया है, ऐसा पहले कभी नहीं किया गया था.’ उन्होंने आगे कहा, ‘भारत का कीमती डेटा अमेरिका को बेच दिया गया. अमेरिकी कंपनियों का टैक्स माफ किया जाता है, जबकि आप पर टैक्स का बोझ बढ़ाया जाता है.’ हमने अमेरिका को बहुत कुछ दिया है, लेकिन उनसे कुछ नहीं लिया.’
नरेंद्र मोदी ने अभी 25 मिनट का भाषण दिया, लेकिन अमेरिका के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला।
नरेंद्र मोदी 100% ट्रंप के कंट्रोल में हैं।
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi pic.twitter.com/JrsgC66uoe
— Congress (@INCIndia) March 23, 2026
‘वनवासी’ शब्द के इस्तेमाल पर बीजेपी पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा, बीजेपी कहती है कि देश में विकास हुआ, ‘मैं आपसे पूछता हूं यहां किसका विकास हुआ. क्या यह विकास उन आदिवासियों का हुआ जो सदियों से इस जल-जंगल-जमीन की रक्षा कर रहे हैं? उन्होंने आगे कहा, भाजपा आपको ‘आदिवासी’ नहीं, ‘वनवासी’ कहती है. इसके पीछे एक गहरी साजिश है. ‘आदिवासी’ का मतलब है इस जमीन का पहला मालिक, लेकिन ‘वनवासी’ कहकर वे आपको सिर्फ जंगल का निवासी बनाना चाहते हैं, जिससे कल को जब जंगल काट दिए जाएं, तो आपके पास कोई हक न बचे और आप मजदूरी करने पर मजबूर हो जाएं.’
आदिवासियों के लिए अलग बजट की मांग
कांग्रेस सांसद ने आदिवासियों के लिए अलग बजट की मांग की. उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं आदिवासियों के लिए अलग बजट हो, उनके लिए हाई-क्वालिटी स्कूल और कॉलेज हों. जंगल में रहने वाले हमारे युवाओं को भी अंग्रेजी और आधुनिक शिक्षा की जरूरत है. हमारा सपना है कि कल की CEO की सूची में आदिवासी युवाओं के नाम हों’. कहा, ‘ बीजेपी की सोच इसके उलट है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी आरएसएस की विचारधारा थोपकर शैक्षणिक संस्थानों को खत्म कर रही है, जिससे पिछड़ों और आदिवासियों को उनका हक न मिल सके.’ उन्होंने आगे कहा, हम नफरत के खिलाफ लड़ेंगे. हम आदिवासियों को उनका हक, जल-जंगल-जमीन और विश्वस्तरीय शिक्षा दिलाएंगे. हम देश की रक्षा करेंगे.


