चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने गुरुवार (18 सितंबर 2025) को ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर हमला करने के लिए रात के 1 बजे का ही समय क्यों चुना. उन्होंने ये भी कहा कि तकनीक से संचालित युद्ध अब साइबर जैसे नये क्षेत्रों तक फैल गया है.
हमें अपनी क्षमता पर पूरा भरोसा: सीडीएस
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने रांच में एक कार्यक्रम में कहा, “हर किसी के मन में ये सवाल है कि हमने पाकिस्तान पर रात के 1 बजे हमला क्यों किया. उस समय फोटोग्राफ लेना, सेटेलाइट इमेज लेना, सबूत इकट्ठा करना इन सब में बहुत ज्यादा मुश्किलें आने के बावजूद हमने एक और डेढ़ बजे रात के करीब पाकिस्तान पर हमला किया. दो वजहों से हमने ऐसा निर्णय लिया. पहला तो हमें अपनी क्षमता पर भरोसा था कि अगर हम रात में हमला करेंगे तो उस समय भी उसका इमेज ले सकते हैं. दूसरा ये था कि हम लोग नहीं चाहते थे इस हमले में आम लोगों की मौत हो.”
भारतीय सेना ने रात के एक बजे ही क्यों किया हमला?
सीडीएस ने बताया, “हमला करने का सबसे बेस्ट टाइम सुबह 5:30–6:00 बजे होता है जब उजाला होने लगता है, लेकिन वह समय पहली नवाज या पहली अजान का भी होता है. उस समय हम हमला करते तो बहावलपुर और मुरीदके में चहल-पहल शुरू हो चुकी होती. ऐसे में काफी सारे सिविलियन मारे जाते. हो सकता है उन लोगों का आतंकवाद के साथ सांठगांठ हो या न हो. हम इससे बचना चाहते थे, इसलिए हमने हमला करने का समय 1:00 से 1:30 के बीच का समय चुना.”
#WATCH | Ranchi, Jharkhand: CDS Gen Anil Chauhan says, “… On the 7th (of May), the terrorist targets we had chosen, we struck them between 1:00 and 1:30 at night… Why did we strike at 1:30 at night? That is the darkest time, it would be the most difficult to get satellite… pic.twitter.com/Rxtuubk8Kg
— ANI (@ANI) September 18, 2025
फौज में भाई-भतीजावाद नहीं होता: सीडीएस
सीडीएस अनिल चौहान ने स्कूली बच्चों के साथ बातचीत के दौरान कहा कि सशस्त्र बलों ने इस साल बड़ी संख्या में प्राकृतिक आपदाओं के बीच नागरिकों को बचाने के लिए अधिकतम प्रयास किये. उन्होंने कहा, ‘‘फौज ही एकमात्र ऐसी जगह है जहां कोई भाई-भतीजावाद नहीं है. यदि आप राष्ट्र की सेवा करना चाहते हैं और देश-दुनिया को जानना चाहते हैं तो आपको सशस्त्र बलों में शामिल होने की आकांक्षा रखनी चाहिए.”
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