बजट सत्र का आज 10वां दिन है. लोकसभा की कार्यवाही के दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी का भाषण शुरू हो गया है. राहुल गांधी ने कहा, बजट में आज की चुनौतियों पर बात नहीं की गई. एआई, डेटा को लेकर बजट में कुछ भी नहीं है. आज के दौरान में एआई बहुत जरूरी है.
राहुल गांधी ने कहा, हम युद्ध के दौर में जी रहे हैं, रूस-यूक्रेन के बीच जंग जारी है. चीन अमेरिका को चैलेंज कर रहा है. मौजूदा दौर में एनर्जी और फाइनेंस हथियार बन चुके हैं. भारत और पाकिस्तान के बीच भी ऑपरेशन सिंदूर चल रहा है. उन्होंने कहा, दुनिया भर के संघर्षों से निपटने के लिए हमारे बजट में कुछ भी नहीं कहा गया है.
नेता विपक्ष ने आगे कहा, अमेरिका के लिए भारतीय डेटा बहुत जरूरी है. हमारी आबादी बड़ी ताकत है, लेकिन ऐसा तभी होगा जब आप इसको समझेंगे. अगर इंडिया ब्लॉक का राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बातचीत कर रहा होता तो हम कहते कि इस डील में सबसे महत्वपूर्ण भारतीय डेटा है.
भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर कहा, ट्रेड डील के जरिए सरकार ने गरीब किसानों को कुचलने का रास्ता खोल दिया है. ऐसा पहले देश के किसी भी प्रधानमंत्री ने नहीं किया है. हमारे किसान पहली बार संकट का सामना कर रहे हैं. अमेरिकी आयात 46 अरब डॉलर से बढ़कर 146 अरब डॉलर हो जाएगा. भारत पर टैरिफ 3 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गया है और उनका 16 प्रतिशत से घटकर शून्य हो गया.
सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा, “मैं कह रहा हूं कि आपने देश को बेच दिया. क्या आपको भारत को बेचने में शर्म नहीं आई? आपने हमारी भारत मां, भारत माता को बेच दिया है.”
राहुल ने कहा, “मैं आर्थिक सर्वेक्षण देख रहा था और मुझे दो बातें नज़र आईं. पहली बात, एक ऐसी दुनिया में रहना जहां भू-राजनीतिक संघर्ष तेज़ी से बढ़ रहा है. अमेरिका के प्रभुत्व को चीन, रूस और अन्य ताकतों से चुनौती मिल रही है. साथ ही साथ एक गंभीर बात यह है कि हम ऊर्जा और फाइनेंस के शस्त्रीकरण की दुनिया में जी रहे हैं. प्रधानमंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कुछ समय पहले चौंकाने वाला बयान दिया था कि युद्ध का युग समाप्त हो गया है. वास्तव में, हम युद्ध के युग में प्रवेश कर रहे हैं. आप देख सकते हैं कि यूक्रेन में युद्ध जारी है, गाजा में युद्ध हुआ था, मध्य पूर्व में युद्ध जारी है, ईरान में युद्ध का खतरा मंडरा रहा है.”
राहुल ने कहा, “मैं सरकार को एआई के परिणामों को लेकर आगाह करना चाहता हूं. सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनने का जो विचार भारत में लोकप्रिय है, उसे चुनौती मिलने वाली है. जब आप एक खतरनाक दुनिया में प्रवेश करते हैं, तो सबसे पहले आपको समझना होगा कि एक व्यक्ति और एक राष्ट्र के रूप में आपकी ताकत क्या है. 1.4 अरब लोग, प्रतिभाशाली, ऊर्जावान, गतिशील, जो दुनिया में किसी को भी चुनौती दे सकते हैं.”


