जमीयत उलमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी की ओर से शनिवार (29 नवंबर, 2025) को भोपाल में दिए बयान की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आलोचना की है. भाजपा ने महमूद मदनी पर देश में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने का आरोप भी लगाया है.
मौलाना महमूद मदनी धमकियां न दें: भाजपा
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली इकाई के प्रवक्ता यासर जिलानी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा, ‘मैंने मौलाना महमूद मदनी का भाषण सुना, वह पूरी तरह से राजनीतिक शख्स हैं. वह अपने भाषण के दौरान इस्लामी संदर्भ में जिहाद का मतलब बता रहे थे, लेकिन उन्होंने अपनी ही बात का खंडन करते हुए यह कहा कि अगर हम पर जुल्म होगा, तो जिहाद होगा. आखिर वे ऐसा कहकर किसे डराने और धमकाने की कोशिश कर रहे हैं, भारत सरकार को?’
जिलानी ने महमूद मदनी को धमकियां देने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा, ‘वो ऐसे धमकियां न दें. भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी के बारे में सोचते हैं. मौलाना महमूद मदनी देश में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं.’
महमूद मदनी के किस बयान पर मचा बवाल?
दरअसल, मौलाना महमूद मदनी ने भोपाल में जमीयत उलमा-ए-हिंद के नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने कई ऐसे बयान दिए, जिस पर बवाल मच गया. मौलाना महमूद मदनी ने कार्यक्रम में भाषण देते हुए मुस्लिम समुदाय से अपील की कि मुर्दा कौम न बनें. उन्होंने कहा कि जिंदा रहें और चुनौतियों का डटकर सामना करें.
उन्होंने कहा, ‘हम चुनौतियों और मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. एक मुर्दा कौम मुश्किलों का सामना करने पर हार मान लेती है. अगर आप कमजोर बनेंगे तो वे आपसे वंदे मातरम बोलने को कहेंगे और आप उनकी बातों को मान लेंगे, लेकिन यही तो एक मुर्दा कौम की पहचान है.’
महमूद मदनी ने कहा, ‘अगर आपको जिंदा कौम बनना है तो आपको ताकतवर बनना होगा और चुनौतियों से जुझना होगा. इस बात को याद रखें कि जिंदा कौम को ही चुनौती दी जाती है. वे लगातार आपकी परीक्षा लेते रहेंगे, लेकिन आपको अपना धैर्य नहीं छोड़ना है.’
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