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‘कांग्रेस की वोट चोरी के खिलाफ लड़े, अब सीएम हैं’, सिद्धारमैया के बिहार दौरे पर बीजेपी का तंज
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‘कांग्रेस की वोट चोरी के खिलाफ लड़े, अब सीएम हैं’, सिद्धारमैया के बिहार दौरे पर बीजेपी का तंज

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बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ जारी है. इस यात्रा का समापन 1 सितंबर को पटना के गांधी मैदान में होगा. इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाले ‘इंडिया’ ब्लॉक में शामिल राजनीतिक दलों के नेता यात्रा में शामिल हो रहे हैं. इसी क्रम में कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया शुक्रवार (29 अगस्त, 2025) को सीवान दौरे पर हैं.

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का एक वीडियो शेयर किया है. उन्होंने लिखा, ‘कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने खुद स्वीकार किया है कि वह 1991 के कोप्पल लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की धोखाधड़ी का शिकार हुए थे. वह चुनावी धोखाधड़ी की वजह से चुनाव हार गए थे, यह वीडियो इसका सबूत है.’

कोप्पल लोकसभा चुनावों को लेकर लगाया था आरोप

अमित मालवीय ने कहा कि वही आदमी जो कभी कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ के खिलाफ लड़ता था, आज उनका सीएम है और तथाकथित ‘वोट अधिकार रैली’ का नेतृत्व कर रहा है. यह विडंबना भारत के लोगों से अछूती नहीं है. वाकई में यह बहुत बड़ी विडंबना है.

अमित मालवीय ने कहा कि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया वोटर अधिकार रैली के लिए बिहार में हैं. उसी कांग्रेस के साथ, जिस पर उन्होंने 1991 के कोप्पल लोकसभा चुनावों में बसवराज पाटिल अनवरी के खिलाफ चुनावी धोखाधड़ी का आरोप लगाया था. उस समय उन्होंने ‘वोट चोरी’ का रोना रोया, क्योंकि वह मतपत्रों पर हार गए थे.

‘वोटर अधिकार रैली’ को लेकर भाजपा का तंज

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख ने आगे कहा कि आज राहुल गांधी ‘चुनावी धोखाधड़ी’ के बारे में सिर्फ इसलिए शोर मचा रहे हैं, क्योंकि भारत के लोगों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया और हैक न किए जा सकने वाले ईवीएम के माध्यम से निर्णायक रूप से कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया है.

अमित मालवीय ने तंज कसते हुए कहा कि यह लोकतंत्र के बारे में नहीं, बल्कि पारिवारिक व्यवसाय के बारे में है, जिसने अपनी प्रासंगिकता खो दी है. ‘वोटर अधिकार रैली’ पाखंड का मास्टरक्लास है और उसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को अवैध बनाने का एक दयनीय प्रयास है, जिसने उन्हें उनकी असली जगह दिखाई है.

ये भी पढ़ें:- ‘एक महीना, एक शख्स, दो बयान’, 75 साल में रिटायरमेंट को लेकर मोहन भागवत पर कांग्रेस का तंज



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