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‘पार्टी के खिलाफ नहीं, देशहित में…’, पार्टी ने 6 साल के लिए किया था सस्पेंड, अब आरके सिंह ने
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‘पार्टी के खिलाफ नहीं, देशहित में…’, पार्टी ने 6 साल के लिए किया था सस्पेंड, अब आरके सिंह ने

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में बंपर जीत हासिल करने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरा के पूर्व सांसद राज कुमार सिंह को पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने को लेकर निलंबित किया था. वहीं, पूर्व सांसद राज कुमार सिंह ने शनिवार (15 नवंबर, 2025) को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने इस संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को चिट्ठी भी लिखी है. 

दरअसल, पूर्व केंद्रीय मंत्री राज कुमार सिंह को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिहार प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अरविंद शर्मा की ओर से शनिवार (15 नवंबर, 2025) को एक पत्र जारी किया गया. पत्र में कहा गया कि आपकी गतिविधियां पार्टी के विरोध में हैं. ये अनुशासन के दायरे में आता है. पार्टी ने इसे गंभीरता से लिया है. इससे पार्टी को नुकसान हुआ है. अतः निर्देशानुसार आपको पार्टी से निलंबित करते हुए कारण-पृच्छा किया जा रहा है कि आपको पार्टी से क्यों निष्कासित नहीं किया जाए? वहीं, पूर्व केंद्रीय मंत्री से एक हफ्ते के भीतर जवाब तलब किया गया.

आरके सिंह ने जेपी नड्डा को चिट्ठी लिखकर दी प्रतिक्रिया

पूर्व केंद्रीय मंत्री और बिहार के आरा से सांसद रहे राज कुमार सिंह ने शनिवार (15 नवंबर, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को भेजी गई चिट्ठी शेयर की. उन्होंने चिट्ठी में कहा, ‘आदरणीय नड्डा जी, मुझे कुछ लोगों की ओर एक चिट्ठी फॉरवर्ड की गई है जिसमें लिखा है कि मुझे पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल होने के लिए निलंबित करने का फैसला लिया है और मुझसे पूछा गया है कि मुझे पार्टी से क्यों नहीं निकाला जाए, लेकिन उस पत्र में इस बात को स्पष्ट नहीं किया गया कि मैं ऐसा कौन सा पार्टी विरोधी काम किया है, जिसका मुझ पर आरोप लगाया गया है और क्योंकि मुझे मेरे खिलाफ लगाए आरोप का पता नहीं है इसलिए मैं इसका कारण स्पष्ट नहीं कर सकता.’

उन्होंने कहा, ‘हो सकता है यह नोटिस मेरे उस बयान के लिए जारी किया गया हो, जिसमें मैंने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को टिकट न देने की बात कही थी. वह बयान पार्टी विरोधी नहीं थी. मेरा वो बयान राष्ट्र के हित में था, समाज के हित में था और पार्टी को राजनीति का आपराधिकरण करने से रोकने और भ्रष्टाचार के खत्म करने के लिए था, लेकिन मुझे लगता है कि पार्टी में कुछ लोग मेरी इस बात से असहज हो गए हैं.’ उन्होंने कहा कि मैंने अपना जवाब बिहार प्रदेश के भाजपा प्रभारी को भेज दिया है और मैं भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहा हूं.





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