Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले के सत्यवेदु मंडल के एनआर अग्रहारम में गुरुवार सुबह एक जघन्य अपराध हुआ, जिसमें छह महीने की मासूम बच्ची की उसकी मां ने ही जान ले ली. बच्ची भूख से जोर-जोर से रो रही थी, लेकिन उसकी मां हेमावती ने गुस्से में उसकी नाक और मुंह बंद कर दिए और सांस लेने से रोक दिया. घटना ने स्थानीय लोगों को स्तब्ध कर दिया.
तमिलनाडु के वेंकटेश और हेमावती दंपति कुछ महीने पहले जीविका के लिए सत्यवेदु मंडल के एनआर अग्रहारम आए और किराए के घर में रहने लगे. उनके एक पांच साल का बेटा और छह महीने की बेटी जोशिका थी. वेंकटेश पास की एक ईंट फैक्ट्री में मजदूर के रूप में काम करते हैं, जबकि हेमावती घर पर बच्चों की देखभाल करती थी.
गुस्से में बच्ची की मां ने ले ली जान
गुरुवार (26 मार्च) को सुबह लगभग 6:30 बजे, वेंकटेश ने देखा कि बच्ची भूख से जोर-जोर से रो रही थी. उन्होंने सो रही अपनी पत्नी को जगाया और कहा कि बच्ची को दूध पिलाओ. इसके बाद वह हमेशा की तरह काम पर निकल गए. हालांकि, उनके घर से निकलने के कुछ ही समय बाद हेमावती ने वेंकटेश को फोन किया और चौंकाने वाली बात कही. उसने कहा, “बच्ची रो रही थी, तो मुझे गुस्सा आया और मैंने उसे मार दिया. यह मेरे लिए अच्छी खबर है, आपके लिए बुरी खबर,” और फोन रख दिया.
पति ने घटना की सूचना पुलिस को दी
वेंकटेश ने पत्नी की बातों पर विश्वास न होने पर घर पहुंचकर देखा कि उनकी बेटी मृत पड़ी है. बच्ची को देखकर वह रो पड़ा. इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया. सत्यवेदु पुलिस मौके पर पहुंची और हेमावती को हिरासत में ले लिया. तिरुपति से आई सुराग टीम ने घटनास्थल से सबूत जुटाए.
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह अत्यंत क्रूर और चौंकाने वाली घटना है. मासूम बच्ची ने अपनी भूख व्यक्त करने की कोशिश की थी, लेकिन उसकी मां ने इतनी क्रूरता दिखाई. पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी को सख्त कानून के तहत दंडित करने का भरोसा दिया है.


