असम की राजनीति में एक वीडियो को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. एआईयूडीएफ (AIUDF) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों से एक खास समुदाय के खिलाफ नफरत भरे बयान दिए जा रहे हैं. अजमल ने मांग की कि अदालत मुख्यमंत्री को चुनाव लड़ने से रोके और उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए. उनका कहना है कि सरमा अपने पद पर बने रहने के योग्य नहीं हैं.
7 फरवरी को बीजेपी असम प्रदेश ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल से एक वीडियो पोस्ट किया था. वीडियो के साथ पॉइंट ब्लैंक शॉट… कैप्शन लिखा गया था. वीडियो में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा हाथ में बंदूक लिए हुए दिखते हैं. उनके सामने दो लोगों की तस्वीर नजर आती है. एक व्यक्ति सफेद बनियान और टोपी में है, जबकि दूसरे की लंबी दाढ़ी दिखाई देती है. वीडियो में सरमा निशाना साधते हैं और एक नकली गोली चलाते हैं, जो तस्वीर पर लगती हुई दिखाई जाती है. एक तस्वीर पर पाईजान लिखा है. पास में पाकिस्तान हाई कमीशन लिखा एक फ्रेम भी दिखता है. नीचे एक और ग्रुप फोटो नजर आती है, जो साफ नहीं दिख रही.
वीडियो में क्या मैसेज दिया गया?
गोली चलने के बाद मुख्यमंत्री का एक एआई जनरेटेड काउबॉय रूप दिखाया गया है. उसके ऊपर असमिया भाषा में जाति, माटी और भेटी लिखा है, जो उनका राजनीतिक नारा है. वीडियो में विदेशी मुक्त असम भी लिखा दिखाई देता है. इसके अलावा पाकिस्तान क्यों गए थे? जैसा सवाल भी दिखाया गया, जिसे कुछ लोग कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जोड़कर देख रहे हैं. अंत में बांग्लादेशियों पर रहम नहीं किया जाएगा लिखा नजर आता है.
अजमल की प्रतिक्रिया
बदरुद्दीन अजमल ने कहा कि इस तरह का वीडियो समाज में तनाव बढ़ा सकता है. उन्होंने इसे एक समुदाय के खिलाफ उकसाने वाला बताया. फिलहाल इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. बीजेपी और एआईयूडीएफ के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं. आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है.


