AI इम्पैक्ट समिट में गलगोटिया यूनिवर्सिटी रोबो डॉग के चलते विवादों में घिर गई. आरोप लगा है कि समिट में यूनिवर्सिटी की ओर से दिखाया गया रोबो डॉग चीन से मंगाया गया है. मामला तूल पकड़ा तो यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने इस पर प्रतिक्रिया दी है.
गलत सूचनाओं को नहीं दे सकते बढ़ावा- एस. कृष्णन
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव ने कहा, “हम चाहते हैं कि एक्सपो में वास्तविक और सही काम प्रदर्शित हो. हमारा मकसद है कि इसे किसी अन्य तरीके से अवसर के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जाए. इसलिए यहां नियमों का पालन कराना बेहद जरूरी है. गलत सूचनाओं को बिल्कुल भी बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है. इसलिए हम किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं चाहतें हैं. हम इस मुद्दे में नहीं पड़ना चाहते कि वह सही हैं या गलत, हम किसी भी तरह का विवाद नहीं चाहते हैं.”
#WATCH | Delhi: On Galgotias University asked to vacate the stall at the expo, S. Krishnan, Secretary for the Ministry of Electronics and Information Technology, says, “We want genuine and actual work to be reflected in the way that people exhibit in expos. The idea is not to… pic.twitter.com/qtkkGbxOBD
— ANI (@ANI) February 18, 2026
यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर पर फोड़ा ठीकरा
विवाद के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने भी बयान जारी किया था और प्रोफेसर नेहा सिंह पर इसका ठीकरा फोड़ा. गलगोटियास यूनिवर्सिटी के मुताबिक संबंधित प्रतिनिधि को प्रोडक्ट की तकनीकी जानकारी सही तरह से नहीं थी. उत्साह में उन्होंने प्रोडक्ट के तकनीकी सोर्स को लेकर तथ्यात्मक रूप से गलत बातें कह दीं. आगे कहा कि भ्रम के लिए खेद है और आयोजकों के फैसले को स्वीकार करने की बात कही.
जानिए क्या है पूरा विवाद
दरअसल, नई दिल्ली के प्रगति मैदान में स्थित भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट का आयोजन हो रहा है. जिसके एक्सपो एरिया में गलगोटिया यूनिवर्सिटी का स्टॉल लगा था, यहां उनके द्वारा प्रदर्शित रोबोडॉग ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था, लेकिन सोशल मीडिया पर इस पर विवाद छिड़ गया. ‘मेक इन इंडिया’ थीम वाले समिट में इसे विदेशी प्रोडक्ट बताने का आरोप लगा. इसको चीन की कंपनी Unitree की Go2 मॉडल से मिलता हुआ बताया. जिसकी कीमत करीब 2.5 लाख रुपये है.


