ओडिशा से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक 5 साल का बच्चा हाड़ कंपा देने वाली ठंड में भी पूरी रात जंगली इलाके में अपने मृत पिता और बेहोश मां के पास बैठकर उनकी रखवाली करता रहा. मासूम बच्चा रविवार (28 दिसंबर) की सुबह लोगों से मदद मांगने के लिए जंगल से निकलकर बाहर आया.
ये घटना ओडिशा के देवगढ़ जिले की है और यह मामला तब सामने आया, जब एक मासूम बच्चा जंगल के पास सड़क पर राहगीरों से मदद मांगता दिखा. पुलिस ने बताया कि बच्चे के माता-पिता दुष्मंत माझी और रिंकी माझी (कुंधईगोला पुलिस थाने के तहत जियानंतपाली गांव के निवासी) ने मोटरसाइकिल से घर लौटते समय घरेलू विवाद के चलते कीटनाशक का सेवन कर लिया था.
पुलिस ने कहा कि उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल सड़क के किनारे खड़ी की और बच्चे के साथ लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर जंगल में चले गए. पुलिस को जंगल में तीनों लोगों के जहरीला पदार्थ खाने का संदेह है.
देवगढ़ जिले के ASP ने क्या बताया
देवगढ़ जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज चोपदार ने फोन पर बताया कि जहरीला पदार्थ पीने के एक घंटे के भीतर ही दुष्मंत की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी रिंकी बेहोश हो गईं. इन सबके बीच उनका मासूम बच्चा उन्हें जमीन पर पड़ा हुआ देखता रहा. मात्र 5 साल के बच्चे ने पूरी रात अपने माता-पिता की रखवाली की और सूर्योदय के बाद सड़क पर आकर लोगों को बुलाया.
दादा-दादी को सौंप दिया गया बच्चा
चोपदार ने कहा कि बाद में पड़ोसी अंगुल जिले के छेंदीपाड़ा अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की भी मौत हो गई, लेकिन बच्चा बच गया. हालांकि उसे भी उसके माता-पिता ने कीटनाशक दिया था. पुलिस अधिकारी ने बताया कि उनके बच्चे का स्वास्थ्य अच्छा है और प्रारंभिक उपचार के बाद उसे उसके दादा-दादी को सौंप दिया गया है.
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