गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में एक शिक्षक ने शुक्रवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। शिक्षक को बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के तौर पर नियुक्त किया गया था। परिवार ने दावा किया कि शिक्षक ने कथित सुसाइड नोट में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान की वजह दबाव और मानसिक तनाव के चलते यह कदम उठाया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि शिक्षक अरविंद वढेर कोडिनार तालुका के देवली गांव के रहने थे और सुबह साढ़े छह बजे अपने घर पर ही फांसी के फंदे से लटके पाए गए। वढेर कोडिनार के छारा गांव में प्राइमरी स्कूल में तैनात थे।
उन्हें हाल ही में एसआईआर के लिए बीएलओ नियुक्त किया गया था। आत्महत्या से पहले अपनी पत्नी को लिखे कथित नोट में उन्होंने एसआईआर को आत्महत्या का दोषी ठहराया। कथित नोट में उन्होंने लिखा था कि अब मेरे लिए एसआईआर का काम करना असंभव है। पिछले कुछ दिनों से मैं बहुत थका हुआ और मानसिक तनाव महसूस कर रहा हूं। मेरे बेटे का ख्याल रखना। मेरे पास इस कदम को उठाने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है।
गिर सोमनाथ के कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी एन.वी. उपाध्याय ने कहा कि आत्महत्या के इस मामले की पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि वढेर की आत्महत्या चौंकाने वाली है, क्योंकि वह जिले में सबसे बढ़िया प्रदर्शन करने वाले बीएलओ में शामिल थे। उन्होंने बताया कि वढेर ने अपना 40 फीसदी काम पूरा कर लिया था।
इस घटना के बाद गुजरात राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के एक प्रतिनिधिनंडल ने गांधीनगर के निर्वाचन अधिकारियों से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बीएलओ के तौर पर काम कर रहे शिक्षकों के सामने आने वाली समस्याओं से उनको अवगत कराया।
इससे पहले खेड़ा जिले के बीएलओ के तौर पर काम कर रहे एक शिक्षक की हृदयगति रुकने से मौत हो गई थी। उनके परिवार ने भी मौत के पीछे एसआईआर अभियान से बढ़ने वाले कार्यभार को कारण बताया था। 50 वर्षीय बीएलओ रमेशभाई परमार कपड़वंज तालुका के जम्बूड़ी गांव के रहने वाले थे। बुधवार की दरमियानी रात हृदयगति रुकने से नींद में ही उनकी मौत हो गई थी।


