बॉलीवुड इंडस्ट्री ने एक सुनसान पल देखा है, जब अपनी शानदार करियर और करिश्माई व्यक्तित्व के लिए प्रसिद्ध अभिनेता Dharmendra ने इस संसार को अलविदा कह दिया। 89 वर्ष की उम्र में, उन्होंने सोमवार दोपहर अपने निजी आवास में अंतिम सांस ली। उनका निधन न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे फिल्म उद्योग व उनके चाहने वालों के लिए एक गहरा आघात है।
स्वास्थ्य की लम्बी जंग के बाद आया यह क्षण
धर्मेंद्र पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने 10 नवंबर को मुंबई के में भर्ती कराया गया था जहाँ उन्हें सांस लेने में तकलीफ थी।
12 नवंबर को अस्पताल से डिस्चार्ज हुए थे, लेकिन घर लौटने के बाद भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति स्थिर नहीं रह पाई।
ऐसे में उनका निधन ‘Dharmendra death’ को अचानक नहीं, बल्कि लंबी लड़ाई के बाद अंतिम पड़ाव माना जा रहा है।
Legendary actor #Dharmendra जी, जिन्हें बॉलीवुड का असली ‘He-Man’ और प्यारे ‘धरम पाजी’ के नाम से जाना जाता था, आज 89 की उम्र में सबको अलविदा कह गए। 💔
उनकी 6 दशक से भी लंबी #Legacy आज भी बेमिसाल है… सितारे जाते हैं, दास्तानें अमर हो जाती हैं। ✨🙏#DharmendraLivesOn… pic.twitter.com/5hiLRB2Vep— News & Features Network | World & Local News (@newsnetmzn) November 24, 2025
निधन की पुष्टि और अंतिम संस्कार की तैयारी
बताया गया है कि अभिनेता का अंत मुंबई के जुहू स्थित निवास पर हुआ।
घटनास्थल पर एम्बुलेंस पहुंची, उनके घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, और विले पार्ले स्थित में अंतिम संस्कार के लिए विशेष इंतजाम किए गए।
करियर की शानदार विरासत: 300+ फिल्में, अमर पलों की धरोहर
धर्मेंद्र का नाम भारतीय सिनेमा के महान अभिनेताओं में शुमार है। उनकी फिल्मी यात्राएँ 1960 के दशक से शुरू हुईं और उन्होंने 300 से अधिक फिल्मों में काम किया।
‘शोले’, ‘डॉस्ट’, ‘जीता ज़िंदगी’, ‘सीता और गीता’ जैसी फिल्मों में उनकी भूमिका ने उन्हें “ही-मैन” का खिताब दिलाया। उनका आखिरी स्क्रीन काम फिल्म में होने वाला था, जो 25 दिसंबर 2025 को रिलीज़ होने वाला है।
परिवार और उद्योग में शोक की लहर
धर्मेंद्र की पत्नी , बेटे , , बेटी सहित पूरा देओल परिवार इस क्षण में जख़्मी है।
बॉलीवुड व राजनीति से जुड़े कई लोग सोशल मीडिया पर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
आइए उनको याद करें ऐसे अंदाज़ में
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जब स्क्रीन पर वे दिखाई देते थे, तो एक्शन, भावनाएँ और करिश्मा तीनों साथ हो जाते थे।
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उनकी सादगी, सहजता और आदमी-सी पहचान ने उन्हें जन-गण में लोकप्रिय बनाया।
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भले ही अभिनेता चले गए हों, लेकिन उनकी यादें, उनकी फिल्मों का आकर्षण और उनका प्रभाव सदैव रहेगा।
भारतीय सिनेमा ने आज एक अजय वीर को खो दिया है। ‘Dharmendra death’ सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक युग का अंत है। उनके जाने से सिर्फ एक अभिनेता नहीं गया, बल्कि हास-पलाश, वीरता, प्रेम और दृढ़ता का एक प्रतीक स्मृतियों में समा गया है। फिल्म-प्रेमियों का दिल आज टूट रहा है, पर उनकी विरासत हमें सदा प्रेरित करती रहेगी। उन्हें शत्-शत् नमन।


