DS NEWS | The News Times India | Breaking News
‘SIR को बाधित करने का इरादा नहीं था’, TMC विधायक पर हिंसा भड़काने का आरोप, EC के एक्शन के बाद ब
India

‘SIR को बाधित करने का इरादा नहीं था’, TMC विधायक पर हिंसा भड़काने का आरोप, EC के एक्शन के बाद ब

Advertisements


पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक एसआईआर सुनवाई केंद्र पर हिंसा भड़काने के आरोपी टीएमसी विधायक मनीरुल इस्लाम ने शुक्रवार को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) को पत्र लिखकर कहा कि उनका इस प्रक्रिया को बाधित करने का कोई इरादा नहीं था और वह संविधान तथा निर्वाचन आयोग का ‘बहुत सम्मान’ करते हैं. इस्लाम ने यह पत्र ऐसे समय में लिखा है, जब निर्वाचन आयोग ने जिला प्रशासन को एसआईआर सुनवाई केंद्र में तोड़फोड़ और धमकी देने में कथित भूमिका के लिए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है.

टीएमसी विधायक ने पत्र में लिखा- वो संविधान का हमेशा पालन करते हैं

फरक्का से विधायक इस्लाम ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास की देखरेख कर रहे ईआरओ को शुक्रवार शाम भेजे पत्र में कहा कि वह संविधान का हमेशा पालन करते हैं और कानून के शासन में विश्वास रखते हैं. तृणमूल विधायक ने लिखा कि 14 जनवरी को फरक्का ब्लॉक विकास कार्यालय (बीडीओ) के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान की गई उनकी टिप्पणियां जनमत की अभिव्यक्ति थीं और इनका मकसद निर्वाचन आयोग के अधिकार को कमजोर करना या चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करना नहीं था.

इस्लाम ने कहा, ‘शब्दों के चयन में कोई भी चूक अनजाने में हुई थी. मेरी टिप्पणियों में कोई दुर्भावना, उकसावा या कानून के उल्लंघन का प्रयास नहीं था.’ उन्होंने लिखा कि अगर किसी ने उनकी टिप्पणियों की अलग तरह से व्याख्या की है, तो यह गलत है. तृणमूल विधायक ने कहा कि वह प्रशासन और निर्वाचन आयोग के साथ पूरी तरह से सहयोग करने के लिए तैयार हैं और सभी कानूनी निर्देशों का पालन करेंगे.

14 जनवरी को फरक्का BDO कार्यालय में भड़क उठी थी हिंसा

उन्होंने 14 जनवरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि बीडीओ कार्यालय के बाहर की गई उनकी टिप्पणियां एसआईआर प्रक्रिया के बारे में जनता की चिंताओं को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य मतदाताओं की सुविधा और मताधिकार का उचित इस्तेमाल सुनिश्चित करना है. फरक्का बीडीओ कार्यालय में 14 जनवरी को बूथ स्तर के कुछ अधिकारियों के विरोध-प्रदर्शन के बाद हिंसा भड़क उठी थी. इसके तुरंत बाद, इस्लाम अपने समर्थकों के साथ कार्यालय परिसर में घुसे और एसआईआर अभ्यास को तत्काल रोकने की मांग की. अधिकारियों ने बताया कि प्लास्टिक की कुर्सियों और फर्नीचर में तोड़फोड़ की गई.

कार्यालय के बाहर खड़े होकर इस्लाम ने एसआईआर प्रक्रिया में भेदभावपूर्ण प्रथाओं का आरोप लगाया और दावा किया कि नाम के आधार पर दस्तावेजी आवश्यकताएं अलग-अलग हैं. उन्होंने कहा कि वह ऐसे ‘दोहरे मापदंडों’ का विरोध करेंगे और फरक्का के लोगों के अधिकारों की रक्षा करते हुए वह ‘गोली खाने’ के लिए भी तैयार हैं.



Source link

Related posts

‘रूस ने खुद नकारा है, कांग्रेस सिर्फ झूठी बयानबाजी कर रही’, PAK संग डील पर बीजेपी का पलटवार

DS NEWS

एल्गर परिषद मामला: SC के जस्टिस सुंदरेश ने गाडलिंग की जमानत याचिका पर सुनवाई से खुद

DS NEWS

‘RSS को BJP के चश्मे से देखना बड़ी भूल, संघ किसी के…’, ऐसा क्यों बोले मोहन भागवत?

DS NEWS

Leave a Comment

DS NEWS
The News Times India

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy