रूस का सुखोई एसजे-100-95बी सुपरजेट हाल ही में मॉस्को में देखा गया. इस पर HAL का लोगो और भारतीय तिरंगा बना हुआ था. इसे विंग्स इंडिया 2026 में स्टेटिक डिस्प्ले में प्रदर्शित करने की तैयारी है. इस तस्वीर से साबित होता है कि भारत की ओर रूस की सिविल एविएशन इंडिस्ट्री में दोबारा दिलचस्पी है. वैसे भी भारत नए सप्लायर और इंडस्ट्रियल पार्टनर की तलाश में है. अब यह तस्वीर एक खास मैसेज दे रही है.
इस सुपरजेट को SJ-100 प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है
SJ-100-95B सुपरजेट नया वर्जन है. इसे एसजे-100 प्रोग्राम के तहत तैयार किया गया है. इसका लक्ष्य पश्चिमी देशों के सिस्टम पर निर्भरता को कम करना है. इस वेरिएंट में रूस में तैयार एवियोनिक्स और अन्य सिस्टम अटैच किए गए हैं.
हैदराबाद में आयोजित होगा एयरशो
तेलंगाना के हैदराबाद में विंग्स इंडिया 2026 एयरशो आयोजित किया जाएगा. इसे नागरिक उड्डयन मंत्रालय और FCCI संयुक्त रूप से आयोजित करेंगे. इसका लक्ष्य भारतीय पार्टनरशिप की नए रास्ते तलाशने हैं. इस सेक्टर में विश्वस्तर पर भारतीय एविएशन सेक्टर की काबिलियत साबित करना है.
The Sukhoi SJ-100 aircraft, tail number 97024, is painted with the Indian flag and the markings of Hindustan Aeronautics Limited (HAL). Russia’s United Aircraft Corporation (UAC) and HAL have signed a memorandum of cooperation for the production of the SJ-100 aircraft in India. pic.twitter.com/KTl8C3ckxP
— H. Memarian (@HEMemarian) January 3, 2026
सुपरेजट को HAL के Logo और भारतीय झंडे के साथ दिखाना, यह साबित करता है कि इसे भारतीय रीजनल एविएशन और कनेक्टिविटी के संदर्भ में पेश किया जा रहा है.
HAL की ब्रांडिंग करने का क्या महत्व?
HAL की ब्रांडिंग अपने आप में अहम है. इस कंपनी को सैन्य विमानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है. इसका अनुभव सिविल एविएशन में भी है. HAL को लेकर खासकर मेंटेनेंस, रिपेयर, ओवरहॉल और सिस्टम इंटीग्रेशन, भविष्य में भारतीय इंडस्ट्री की भूमिका, जैसे एनआरओ या कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग पर बातचीत हो सकती है. SJ-100-958 एक 95 सीटों वाला रीजनल जेट है. यह भारतीय रीजनल उड़ानों की बढ़ती जरूरतों से मेल खाता है. विंग्स इंडिया 2026 में इसका स्टैटिक डिस्प्ले होना एक मार्केटिंग की कोशिश मानी जा सकती है.


