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अमेरिका की वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक, मादुरो की गिरफ्तारी; दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध में उतरी
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अमेरिका की वेनेजुएला पर एयरस्ट्राइक, मादुरो की गिरफ्तारी; दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध में उतरी

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नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर बुधवार को विभिन्न लेफ्ट संगठनों ने वेनेज़ुएला के समर्थन में और अमेरिका के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिका द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ को एकतरफा, निराधार और साम्राज्यवादी करार दिया. इस दौरान भारत सरकार से वेनेज़ुएला के पक्ष में स्पष्ट रुख अपनाने की मांग की गई.

प्रदर्शन में शामिल लोगों ने हाथों में पोस्टर और बैनर ले रखे थे. प्लेकार्ड्स पर ‘वेनेजुएला की संप्रभुता को नहीं सहेंगे’, NO blood for OIL’ और ‘वैश्विक शांति के दुश्मन अमेरिका और साम्राज्यवाद ताकतों का गठजोड़ मुर्दाबाद’ जैसे नारे लिखे थे. 

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी संप्रभु देश के आंतरिक मामलों में बाहरी हस्तक्षेप अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इससे वैश्विक शांति को खतरा पैदा होता है.

भारत की तरफ से ठोस प्रतिक्रिया की मांग

लेफ्ट नेता राजीव कुंवर ने कहा कि घटना को 24 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद भारत सरकार की ओर से कोई ठोस प्रतिक्रिया न आना निराशाजनक है. उन्होंने कहा कि एक स्वतंत्र देश के चुने हुए राष्ट्रपति के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह बेहद चौंकाने वाला है. उनका आरोप था कि यह पूरी कार्रवाई साम्राज्यवादी हितों और आर्थिक लूट से जुड़ी हुई है, इसलिए भारत को खुलकर इसका विरोध करना चाहिए.

सीपीआई बोली- ड्रग्स-तस्करी आरोप सिर्फ बहाना

सीपीआई के नेशनल सेक्रेटरी डॉक्टर गिरीश चंद्र शर्मा ने अमेरिका की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि शांति और लोकतंत्र की बातें करने वाले नेताओं का असली चेहरा अब सामने आ रहा है. उन्होंने कहा कि ड्रग्स तस्करी जैसे आरोप केवल एक बहाना हैं, जबकि असली मकसद वेनेज़ुएला के प्राकृतिक संसाधनों, खासकर तेल पर नियंत्रण हासिल करना है. उनका कहना था कि वेनेज़ुएला द्वारा डॉलर आधारित व्यवस्था को चुनौती देना भी इस टकराव की एक बड़ी वजह है.

प्रदर्शन में मौजूद विद्यासागर गिरी ने अमेरिका की कार्रवाई को आतंक जैसी कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह कोई नई नीति नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही साम्राज्यवादी सोच का हिस्सा है. उन्होंने ‘एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ जैसे अभियानों को आधुनिक उपनिवेशवाद का उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं.

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर आज वेनेज़ुएला के साथ ऐसा हो सकता है, तो भविष्य में किसी और देश को भी इसी तरह निशाना बनाया जा सकता है. उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि वह अमेरिका की बढ़ती तानाशाही प्रवृत्तियों का विरोध करे और वेनेज़ुएला के साथ एकजुटता दिखाए.



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