DS NEWS | The News Times India | Breaking News
रघुराम राजन का दावा- रूस से तेल खरीदने की वजह से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के चक्कर में लगा टैरिफ!
India

रघुराम राजन का दावा- रूस से तेल खरीदने की वजह से नहीं, बल्कि पाकिस्तान के चक्कर में लगा टैरिफ!

Advertisements


भारत के इकोनॉमिस्ट और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि सीजफायर की असल वजह सीजफायर क्रेडिट है. इसका रूस से तेल खरीदने से कोई लेना-देना नहीं है. राजन ने यूबीएस सेंटर फोरम फॉर इकोनॉमिक डायलॉग में कहा, ‘यह विवाद व्यक्तियों और भारत-पाकिस्तान तनाव कम करने के श्रेय को लेकर कूटनीतिक असहमति से उपजा है.’

भारत ने ट्रंप को सीजफायर का क्रेडिट नहीं दिया
ज्यूरिख में रघुराम राजन ने कहा कि व्हाइट हाउस में बैठे शख्स ने ही भारत के साथ तनाव को बढ़ावा दिया. उन्होंने बताया, ‘पाकिस्तान ने इसे सही तरीके से खेला. मुख्य मुद्दा कई शख्सियतों का था, खासकर व्हाइट हाउस में बैठे एक शख्स का. भारत ने ट्रंप के सीजफायर वाले दावे पर कई निगेटिव टिप्पणियां कीं. जबकि ट्रंप ने खुद भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का क्रेडिट लिया था.’

पाकिस्तान ने चालाकी से काम लिया
मॉडरेटर ने राजन से पूचा कि क्या रूस से कम तेल खरीदना ट्रंप को खुश करने का तरीका है? राजन ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि रूसी तेल खरीद कभी भी केंद्रीय मुद्दा था. आपने कल ही देखा कि हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओरबान की तेल खरीदी को नजरअंदाज कर दिया.’

पाकिस्तान ने सही रास्ता अपनाया- राजन
रघुराम राजन ने कहा कि पाकिस्तान ने पूरी दुनिया के सामने सीजफायर को रोकने के लिए ट्रंप को क्रेडिट दिया, जबकि भारत का कहना था कि सीजफायर सैन्य नेताओं के बीच सीधे संवाद का नतीजा था. पाकिस्तान ने सही रास्ता अपनाया. पाकिस्तान ने कहा कि यह सब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की वजह से हुआ. नतीजा यह हुआ कि भारत को 50% टैरिफ मिला, जबकि पाकिस्तान पर सिर्फ 19% टैरिफ लगा.’

राजन ने ऑपरेशन सिंदूर को याद किया
रघुराम राजन ने मई 2025 में हुए भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को याद किया. नई दिल्ली ने जम्मू-कश्मीर के पहलाम में पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 नागरिकों को गोली मार दी थी. फिर भारत ने पाकिस्तान में घुसकर कई आतंकी ठिकाने तबाह किए और उन्हें मार गिराया. फिर पाकिस्तान और भारत के बीच संघर्ष शुरू हो गया. सरहद के दोनों तरफ से हमले हो रहे थे. मामला इतना गंभीर हो गया था कि बीच में अमेरिका को कूदना पड़ा. सीजफायर के बाद ट्रंप ने दुनियाभर में सीजफायर कराने की बात कही, लेकिन भारत ने इसे नकार दिया.

अगस्त के बाद से भारत-अमेरिकी रिश्ते कमजोर पड़े
डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने ज्यादातर भारत से इम्पोर्ट हुए सामान पर 50% तक टैरिफ लगाया. ट्रंप ने कहा कि नई दिल्ली ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रियायती रूसी तेल खरीदा और ‘यूक्रेन में युद्ध को फंड किया.’ ट्रंप ने इस कदम को भारत के साथ ‘एकतरफा’ व्यापार संबंध का जवाब बताया. तनाव बढ़ा जब ट्रंप के सहयोगियों, जैसे पीटर नवारो और स्टीफन मिलर ने भारतीय राजनीतिक नेतृत्व पर व्यक्तिगत हमले किए. नवारो ने यहां तक जातिवादी और मजाकिया टिप्पणियां कीं, जिसने व्यापार विवाद को असामान्य रूप से टकराव में बदल दिया.



Source link

Related posts

जब सीजफायर के बारे में बता रहे थे विदेश मंत्री एस जयशंकर, तभी विपक्ष ने की टोका-टोकी… भड़क गए

DS NEWS

मुस्लिम मुल्कों में भी पाकिस्तानी रुपये की कोई औकात नहीं, जानें कहां सबसे ज्यादा कम इसकी कीमत?

DS NEWS

सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल? निर्मला सीतारमण ने दी बड़ी जानकारी, बताया कैसे GST के दायरे में लाया ज

DS NEWS

Leave a Comment

DS NEWS
The News Times India

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More

Privacy & Cookies Policy