भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान और चीन को भारतीय इलाके पर कब्जा करने की अनुमति देना और जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देना जैसी ऐतिहासिक भूल जवाहरलाल नेहरू की विरासत है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा. सोनिया गांधी ने कहा था कि मौजूदा सरकार का मुख्य उद्देश्य नेहरू को बदनाम करना है.
अब इस पर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने अपने आरोप में जिस शब्द का प्रयोग किया, वह उनके बेटे राहुल गांधी का समानार्थी है.
क्या कहा था सोनिया गांधी ने?
सोनिया गांधी ने आरोप लगाया था कि सत्तारूढ़ भाजपा का लक्ष्य न केवल देश के पहले प्रधानमंत्री की विरासत को मिटाना है, बल्कि उनकी सामाजिक और राजनीतिक बुनियादों को नष्ट करना है.
‘राहुल गांधी भारतीय राजनीति के भस्मासुर’
बीजेपी प्रवक्ता भाटिया ने आरोप लगाया, ‘‘अगर आज भारतीय राजनीति में कोई ‘भस्मासुर’ है, तो वह राहुल गांधी हैं. उन्होंने महाराष्ट्र में शरद पवार और उद्धव ठाकरे की पार्टियों को बर्बाद कर दिया और फिर लोकसभा चुनाव के दौरान दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की पार्टी के साथ गठबंधन करके उन्हें बर्बाद किया.’’
उन्होंने कहा, ‘‘हाल में बिहार (चुनाव) में तेजस्वी यादव को नष्ट करने के बाद, वह अब उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव को नष्ट करने के लिए जा रहे हैं.’’
‘नेहरू को बदनाम करने के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ा रहे’
सोनिया गांधी ने शुक्रवार को दावा किया था कि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को बदनाम करने के प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जा रहा है. वर्तमान सरकार का मुख्य उद्देश्य भी यही है. उन्होंने यहां ‘जवाहर भवन’ में आयोजित एक कार्यक्रम में यह भी कहा कि इस प्रोजेक्ट का सामूहिक रूप से मुकाबला करना होगा.
गांधी ने आधुनिक भारत के निर्माण में नेहरू के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा था कि आज न सिर्फ उनके व्यक्तित्व एवं उनके योगदान को कमतर करने के प्रयास किये जा रहे हैं, बल्कि उनकी बहुआयामी विरासत को भी कमजोर करने की कोशिश की जा रही है.
बीजेपी बोली- नेहरू की विरासत क्या है?
उनके आरोप पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए भाटिया ने पूछा, ‘‘नेहरू की विरासत क्या है?’’
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया, ‘‘नेहरू की विरासत में संविधान में अनुच्छेद 370 को शामिल करना, चीन के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य बनने का प्रस्ताव ठुकराना और पाकिस्तान और चीन, दोनों को भारतीय क्षेत्र पर कब्जा करने की अनुमति देना शामिल है.’’
उन्होंने सोनिया गांधी से इन ऐतिहासिक भूलों पर जवाब मांगा.
‘राहुल गांधी झूठ की राजनीति कर रहे’
भाजपा प्रवक्ता ने राहुल गांधी के इस आरोप को लेकर उनकी आलोचना की कि सरकार विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को उनसे मुलाकात नहीं करने को कहती है. उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष पर ‘‘झूठ की राजनीति’’ करने का आरोप लगाया.
भाटिया ने पिछले साल राहुल की बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ मुलाकात और इस साल मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ मुलाकात की तस्वीरें दिखाईं और कांग्रेस नेता पर बार-बार खुद को ‘‘पीड़ित’’ बताने का आरोप लगाया.
राहुल गांधी ने क्या आरोप लगाए थे?
राहुल ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया था कि सरकार अपनी ‘‘असुरक्षा’’ की भावना के कारण विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से विपक्ष के नेता से नहीं मिलने को कहती है. उन्होंने कहा था कि यह परंपरा है कि विदेशी गणमान्य व्यक्ति विपक्ष के नेता से मिलते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्रालय इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं.
राहुल की यह टिप्पणी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की दो दिवसीय भारत यात्रा से कुछ घंटे पहले आई थी. भाटिया ने कांग्रेस नेता पर जवाबी हमला करते हुए कहा, ‘‘वैश्विक कूटनीति विश्वसनीयता पर चलती है, न कि अधिकार की भावना पर.’’


