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हाथ मिलाया, गले मिले और फिर एक ही गाड़ी में रवाना… मोदी-पुतिन की दोस्ती देख चीन-PAK के उड़े होश
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हाथ मिलाया, गले मिले और फिर एक ही गाड़ी में रवाना… मोदी-पुतिन की दोस्ती देख चीन-PAK के उड़े होश

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मोदी और ट्रंप दोनों नेता एयरपोर्ट से पीएम की कार में निकले और प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पहुंचे. करीब तीन महीने पहले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के बाद चीन के शहर तियानजिन में उन्होंने एक ही वाहन में साथ यात्रा की थी. प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का भारत में स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है. आज शाम और कल उनके साथ होने वाली बातचीत को लेकर आशान्वित हूं. भारत-रूस मित्रता समय की कसौटी पर खरी उतरी है जिससे दोनों देशों के लोगों को बहुत लाभ हुआ है.’’

पीएम मोदी ने रात में रूसी राष्ट्रपति के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया. पिछले साल जुलाई में पुतिन ने भी प्रधानमंत्री की मॉस्को यात्रा के दौरान उनका इसी तरह का सत्कार किया था. इस अवसर पर मोदी के आधिकारिक आवास को रोशनी से जगमग किया गया था और फूलों से सजाया गया था. रात्रिभोज के दौरान दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत से शुक्रवार को होने वाली 23वीं भारत-रूस शिखर वार्ता के लिए माहौल तैयार होने की उम्मीद है, जिसमें दोनों मित्र देशों के संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए कई ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है.

पीएम मोदी ने रात में रूसी राष्ट्रपति के लिए एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया. पिछले साल जुलाई में पुतिन ने भी प्रधानमंत्री की मॉस्को यात्रा के दौरान उनका इसी तरह का सत्कार किया था. इस अवसर पर मोदी के आधिकारिक आवास को रोशनी से जगमग किया गया था और फूलों से सजाया गया था. रात्रिभोज के दौरान दोनों नेताओं के बीच होने वाली बातचीत से शुक्रवार को होने वाली 23वीं भारत-रूस शिखर वार्ता के लिए माहौल तैयार होने की उम्मीद है, जिसमें दोनों मित्र देशों के संबंधों को और व्यापक बनाने के लिए कई ठोस परिणाम सामने आने की उम्मीद है.

दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता का मुख्य विषय रक्षा संबंधों को मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबाव से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों में सहयोग की संभावनाओं की तलाश जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगी. इस बैठक पर पश्चिमी देशों द्वारा करीबी नजर रखे जाने की संभावना है. रूसी नेता का नयी दिल्ली का यह दौरा इसलिए और भी अहम हो गया है क्योंकि यह भारत-अमेरिका संबंधों में तेजी से आ रही गिरावट की पृष्ठभूमि में हो रहा है.

दोनों नेताओं के बीच होने वाली वार्ता का मुख्य विषय रक्षा संबंधों को मजबूत करना, भारत-रूस व्यापार को बाहरी दबाव से सुरक्षित रखना और छोटे मॉड्यूलर संयंत्रों में सहयोग की संभावनाओं की तलाश जैसे मुद्दों पर केंद्रित होगी. इस बैठक पर पश्चिमी देशों द्वारा करीबी नजर रखे जाने की संभावना है. रूसी नेता का नयी दिल्ली का यह दौरा इसलिए और भी अहम हो गया है क्योंकि यह भारत-अमेरिका संबंधों में तेजी से आ रही गिरावट की पृष्ठभूमि में हो रहा है.

बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार के क्षेत्रों सहित कई समझौते होने की उम्मीद है. शुक्रवार को पुतिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा और तीनों सेनाओं द्वारा उन्हें सलामी दी जाएगी. उसके बाद वह महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राजघाट जाएंगे. बैठक हैदराबाद हाउस में होगी, जहां दोनों नेताओं के बीच सीमित प्रारूप में तथा उनके प्रतिनिधिमंडलों के साथ वार्ता होगी.

बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच व्यापार के क्षेत्रों सहित कई समझौते होने की उम्मीद है. शुक्रवार को पुतिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा और तीनों सेनाओं द्वारा उन्हें सलामी दी जाएगी. उसके बाद वह महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए राजघाट जाएंगे. बैठक हैदराबाद हाउस में होगी, जहां दोनों नेताओं के बीच सीमित प्रारूप में तथा उनके प्रतिनिधिमंडलों के साथ वार्ता होगी.

मोदी और पुतिन भारत मंडपम में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और रोसकांग्रेस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक व्यापारिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. शाम को पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनके सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में शामिल होंगे. रूसी नेता के शुक्रवार रात लगभग नौ बजे भारत से प्रस्थान करने की संभावना है.

मोदी और पुतिन भारत मंडपम में फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और रोसकांग्रेस द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक व्यापारिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. शाम को पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उनके सम्मान में आयोजित राजकीय भोज में शामिल होंगे. रूसी नेता के शुक्रवार रात लगभग नौ बजे भारत से प्रस्थान करने की संभावना है.

प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर सम्मेलन के बाद, राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित एक राजकीय भोज में शामिल होंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आधिकारिक यात्रा भारत और रूस के नेताओं को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने का मौका देगी. साथ ही, यह यात्रा दोनों देशों की विशेष और मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने और दोनों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर विचार साझा करने का अवसर भी प्रदान करेगी.

प्रधानमंत्री मोदी के साथ शिखर सम्मेलन के बाद, राष्ट्रपति पुतिन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित एक राजकीय भोज में शामिल होंगे. विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह आधिकारिक यात्रा भारत और रूस के नेताओं को अपने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा करने का मौका देगी. साथ ही, यह यात्रा दोनों देशों की विशेष और मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने और दोनों के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रीय और वैश्विक मामलों पर विचार साझा करने का अवसर भी प्रदान करेगी.

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा,

पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “मुझे अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन का दिल्ली में स्वागत करते हुए खुशी हो रही है. मैं आज शाम और कल हमारी बैठकों का बेसब्री से इंतजार कर रहा हूं. भारत और रूस की दोस्ती समय की कसौटी पर खरी उतरी है, इससे हमारे लोगों को अपार लाभ हुआ है.”

ऐसा माना जा रहा है कि व्यापार क्षेत्र के अंतर्गत फार्मा, कृषि, खाद्य उत्पादों और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्रों में रूस को भारतीय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. यह कदम रूस के पक्ष में बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं के बीच उठाया गया है.

ऐसा माना जा रहा है कि व्यापार क्षेत्र के अंतर्गत फार्मा, कृषि, खाद्य उत्पादों और उपभोक्ता वस्तुओं के क्षेत्रों में रूस को भारतीय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है. यह कदम रूस के पक्ष में बढ़ते व्यापार घाटे को लेकर भारत की चिंताओं के बीच उठाया गया है.

भारत रूस से सालाना लगभग 65 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान और सेवाएं खरीदता है, जबकि रूस भारत से लगभग पांच अरब डालर का आयात करता है. अधिकारियों ने कहा कि भारत उर्वरक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है. रूस सालाना भारत को 30 से 40 लाख टन उर्वरक की आपूर्ति करता है.

भारत रूस से सालाना लगभग 65 अरब अमेरिकी डॉलर का सामान और सेवाएं खरीदता है, जबकि रूस भारत से लगभग पांच अरब डालर का आयात करता है. अधिकारियों ने कहा कि भारत उर्वरक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी विचार कर रहा है. रूस सालाना भारत को 30 से 40 लाख टन उर्वरक की आपूर्ति करता है.

Published at : 04 Dec 2025 11:03 PM (IST)

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