आप ये तो जानते ही है कि एक 1XBET अवैध बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच ED की टीम कर रही है. इसी जांच के दौरान एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने ED के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया. जांच में सामने आया कि एक साधारण Rapido बाइक ड्राइवर के बैंक अकाउंट में 19 अगस्त 2024 से 16 अप्रैल 2025 के बीच 331.36 करोड़ जमा हुए और फिर आगे भेजे गए. ड्राइवर को अपने अकाउंट के इस खेल के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी. ED का कहना है कि उसके नाम पर बनाया गया ये म्यूल यानी फर्जी अकाउंट बड़े पैमाने पर अवैध पैसे को घुमाने और छुपाने के लिए इस्तेमाल किया गया.
ईडी को मिले कई सुराग
जांच में ED को एक और बड़ा सुराग मिला. ये करोड़ों की मनी ट्रेल एक हाई-प्रोफाइल शादी तक पहुंचती है. गुजरात के युवा राजनीतिक नेता आदित्य जुला की उदयपुर के ताज अरावली रिज़ॉर्ट में हुई भव्य शादी में लगभग एक करोड़ रुपये इसी ड्राइवर के अकाउंट से भेजे गए. रिज़ॉर्ट को सौंपे गए कॉन्ट्रैक्ट पेपर पर लगे साइन जांच में फर्जी पाए गए. जबकि ये कॉन्ट्रैक्ट खुद आदित्य जुला ही रिजॉर्ट को देकर आए थे. इससे ये साफ हो गया कि शादी के आयोजन का खर्च छुपाने के लिए फर्जी दस्तावेज़ और फर्जी अकाउंट दोनों का इस्तेमाल किया गया था.
ड्राइवर के भी उड़े होश
जब ED ने बाइक ड्राइवर को पूछताछ के लिए बुलाया तो वो खुद भी ये सुनकर दंग रह गया कि उसके नाम से करोड़ों का लेन-देन हुआ है. उसने साफ कहा कि उसका शादी से कोई लेना-देना नहीं, वो ना दूल्हा-दुल्हन को जानता है और ना ही उसे पता है कि उसके अकाउंट में इतने पैसे कैसे आए और गए. ED को शक है कि ड्राइवर की KYC डिटेल्स या तो चोरी की गई या किसी रैकेट ने उसे झांसा देकर हासिल की और उसके नाम पर एक ऐसा बैंक अकाउंट ऑपरेट किया गया जो बिल्कुल फर्जी था.
जांच में ये भी सामने आया कि शादी से जुड़े खर्च को छुपाने के लिए कई तरीके अपनाए गए. आदित्य जुला ने अपने ट्रैवल एजेंट को करीब 18 लाख कैश दिए थे. वहीं, शादी की बुकिंग एडजस्ट करने के लिए 17 अलग-अलग PAN नंबर इस्तेमाल किए गए.
इतने PAN नंबर का इस्तेमाल साफ इशारा करता है कि खर्च को ट्रैक होने से बचाने के लिए एक सोचा-समझा नेटवर्क काम कर रहा था.
ED को इस पूरे सेटअप में 1XBET बेटिंग नेटवर्क का भी लिंक मिला है, यानी बेटिंग ऐप से आया अवैध पैसा फर्जी अकाउंट में डाला गया और फिर कई रूट्स से घुमाकर खर्च किया गया ताकि असली स्रोत छुपा रहे.
बड़े नेटवर्क की आशंका
ED को शक है कि ये शादी सिर्फ एक केस नहीं बल्कि उसी बड़े नेटवर्क की झलक है जो हाई-प्रोफाइल इवेंट्स, लग्जरी फंक्शन्स और बड़े भुगतान को कवर बनाकर अवैध पैसों को साफ दिखाने का नया तरीका इस्तेमाल कर रहा है…म्यूल (फेक) अकाउंट्स का इस्तेमाल पहले तक छोटे फ्रॉड्स में देखा जाता था..लेकिन अब जांच में पता चल रहा है कि बड़े आयोजनों की फंडिंग भी इन्हीं फर्जी अकाउंट्स से की जा रही है..
ED ने आम लोगों को सलाह दी है कि कभी भी अपने बैंक अकाउंट, ATM कार्ड, KYC डॉक्यूमेंट या PAN जैसी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति या संस्था को न दें. कई बार मामूली सी लापरवाही लोगों को करोड़ों के मनी लॉन्ड्रिंग रैकेट में फंसा देती है.


