कर्नाटक कांग्रेस में अब आपसी मतभेद सामने आ गए हैं. यहां सत्तारुढ़ पार्टी कांग्रेस के भीतर नेतृत्व परिवर्तन को लेकर घमासान तेज हो गया है. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग जोर पकड़ने लगी है. यहां उनके समर्थक विधायकों का दिल्ली पहुंचना शुरू हो गया है.
पार्टी सूत्रों के अनुसार कम से कम छह विधायक राष्ट्रीय राजधानी में डेरा डाले हुए हैं. जबकि, कुछ और विधायकों के जल्द ही दिल्ली पहुंचने की संभावना है. दिल्ली पहुंचे विधायक कांग्रेस हाईकमान से मुलाकात कर शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद देने की औपचारिक मांग उठाने की तैयारी में हैं. इन विधायकों में उदय गौड़ा, इकबाल हुसैन, बालकृष्ण समेत कई विधायक शामिल हैं.
इधर, पहले से दिल्ली में मौजूद विधायकों के बीच बढ़ती हलचल के चलते कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ कहा कि नेतृत्व परिवर्तन पर अंतिम निर्णय सिर्फ हाईकमान का होगा. उन्होंने दोहराया कि वह और उनके डिप्टी दोनों को पार्टी के फैसले का सम्मान करना चाहिए.
सिद्धारमैया ने कहा, “हम हाईकमान के फैसले का पालन करेंगे. अगर वे तय करते हैं कि मैं मुख्यमंत्री के रूप में जारी रहूं, तो मैं जारी रहूंगा. अंततः जो भी हाईकमान तय करेगा, मुझे उसे स्वीकार करना है. शिवकुमार को भी उसे स्वीकार करना चाहिए.”
राज्य की राजनीति में तेज होती इन हलचलों ने कांग्रेस नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है. जबकि मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी यह रस्साकशी आने वाले दिनों में और बड़ा राजनीतिक मोड़ ले सकती है.
सिद्धारमैया के करीबी नेता भी खड़गे से मिले
रविवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी मंत्रियों ने भी राष्ट्रीय अध्यक्ष खड़गे से मुलाकात की थी. इनमें एचसी महादेवप्पा और के. वेंकटेश शामिल थे. उन्होंने कहा, इस समय कर्नाटक में सीएम बदलने की कोई स्थिति नहीं है. इस बारे में हाईकमान का फैसला आखिरी होगा. दरअस, कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के 2.5 साल पूरे हो गए हैं. ऐसे में सत्ता संतुलन का मुद्दा गरमागया है. जहां एक तरफ डीके शिवकुमार के समर्थक दिल्ली जाकर खड़गे से मिले तो शिवकुमार ने भी ऐसे किसी कार्यक्रम की जानकारी से इंकार कर दिया है.


