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NDA में हो गया सीटों का बंटवारा, बिहार की 10 सीटों ने बिगाड़ दिया महागठबंधन का खेल! जानें चौंका
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NDA में हो गया सीटों का बंटवारा, बिहार की 10 सीटों ने बिगाड़ दिया महागठबंधन का खेल! जानें चौंका

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Bihar Elections: बिहार में कई दिनों की चर्चा और मंथन के बाद एनडीए ने रविवार (12 अक्टूबर, 2025) को सीट शेयरिंग फॉर्मूले का ऐलान कर दिया है, जबकि विपक्षी महागठबंधन में इसको लेकर अब भी पेच फंसा हुआ है. 

नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू और बीजेपी 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि 40 सीटें चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के लिए छोड़ी गई हैं. ऐसा पहली बार हुआ है, जब एनडीए में शामिल जेडीयू-बीजेपी बराबर सीटों पर चुनाव लड़ेंगे. एनडीए में सीट शेयरिंग की घोषणा ऐसे समय पर की गई है, जबकि पहले चरण के नामांकन की अंतिम तारीख में एक सप्ताह से भी कम समय रह गया है. 

पहली बार बराबर-बरावर सीटों पर लड़ रहे JDU-BJP

 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा के बराबर सीट पर चुनाव लड़ने पर सहमति जताई है. बीजेपी कभी जेडीयू की जूनियर सहयोगी मानी जाती थी. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वह राज्य में अपनी पैठ लगातार मजबूत करती रही है.

चिराग-मांझी की पार्टी को कितनी सीटें?

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) को 29 सीट मिली हैं. साल 2020 के चुनाव में चिराग पर जेडीयू को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे थे, जब उन्होंने गठबंधन से बगावत कर अलग लड़ाई लड़ी थी. मांझी की पार्टी HAM और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM को 6-6 सीटें दी गई हैं. वैसे सीट बंटवारे को लेकर मांझी पूरी तरह संतुष्ट नजर नहीं आए. वह पहले ‘कम से कम 15 सीट’ की मांग कर रहे थे, ताकि उनकी पार्टी को विधानसभा में ‘मान्यता प्राप्त दल’ का दर्जा मिल सके. 

सीट शेयरिंग के बाद क्या बोले मांझी?

पटना पहुंचने पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘उच्च नेतृत्व ने जो फैसला किया है, उसे हमने स्वीकार कर लिया, लेकिन हमें केवल छह सीट देकर हमारी ताकत को कम करके आंका गया है. इसका नुकसान एनडीए को चुनाव में उठाना पड़ सकता है.’ हालांकि मांझी ने यह भी दोहराया कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ आखिरी सांस तक रहेंगे.

हालांकि महागठबंधन (इंडिया गठबंधन) में सीट बंटवारे का पेंच अब भी फंसा नजर आ रहा है. राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दिल्ली रवाना हो गए, जिससे गठबंधन के भीतर असंतोष की अटकलें तेज हो गईं.

17 अक्टूबर है पहले चरण के नामांकन की तारीख

पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर है और उम्मीदवारों में बेचैनी स्पष्ट दिखने लगी है. लालू परिवार के दिल्ली रवाना होते समय उनके आवास के बाहर कार्यकर्ताओं ने जमकर नाराजगी जताई. बिहार में दो चरणों में मतदान छह और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी.

सीट शेयरिंग में देरी पर क्या बोली आरजेडी?

आरजेडी के करीबी सूत्रों के मुताबिक, पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि वह 243 में से ‘कम से कम आधी’ सीट पर चुनाव लड़ेगी. सूत्रों ने देरी के लिए कांग्रेस, वामदलों और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) को जिम्मेदार ठहराया. मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि कांग्रेस अपनी हालिया ‘वोटर अधिकार यात्रा’ की सफलता के आधार पर अधिक सीट की मांग कर रही है. इस यात्रा में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने दो सप्ताह में राज्य के 25 जिलों का दौरा किया था.

अदालत में पेश होने दिल्ली जा रहा लालू परिवार: अखिलेश प्रसाद 

कयास लगाए जा रहे थे कि लालू परिवार दिल्ली जाकर राहुल गांधी से हस्तक्षेप करने की अपील करेगा, लेकिन बिहार कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने इस पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा, ‘लालू जी और उनका परिवार दिल्ली इसलिए गए है क्योंकि उन्हें अदालत में पेश होना है.’

राज्यसभा सदस्य सिंह तेजस्वी यादव के साथ उसी उड़ान में बैठे थे. उन्होंने कहा, ‘सीट बंटवारे में ज्यादा समस्या नहीं है. एक-दो दिन में सब स्पष्ट हो जाएगा.’ लालू प्रसाद और उनके परिवार के सदस्य भूमि के बदले नौकरी (लैंड-फॉर-जॉब्स) घोटाले में आरोपी हैं, जो उनके रेलमंत्री कार्यकाल से जुड़ा मामला है.

बीजेपी ने नीतीश को हाशिये पर ढकेल दिया: कांग्रेस

पटना में कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने NDA पर निशाना साधते हुए कहा, ‘सीट बंटवारे से साफ है कि भाजपा ने नीतीश कुमार को हाशिये पर डाल दिया है. यह पहली बार है जब जदयू भाजपा से ज्यादा सीट पर नहीं लड़ रहा है. आने वाले समय में भाजपा, JDU को निगल जाएगी.’

क्या है कांग्रेस की डिमांड?

सूत्रों के मुताबिक, आरजेडी ने कांग्रेस को 50 सीटों का ऑफर दिया था, जिसे कांग्रेस ने स्वीकार नहीं किया है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस की डिमांड कम से कम 60 सीटों की है, जिसको लेकर आरजेडी सहज नहीं है. अब सीट बंटवारे पर लालू फैमिली की कांग्रेस हाईकमान के साथ सीधी बात हो सकती है.

जनसुराज ने जारी कर दी 51 उम्मीदवारों की लिस्ट

जन सुराज पार्टी ने पुराने गठबंधनों से पहले बढ़त लेते हुए कुछ दिन पहले ही 51 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी तथा सोमवार को एक और सूची जारी करने वाली है. यह पार्टी एक साल पहले बनी थी. सभी की निगाहें वैशाली जिले की राघोपुर सीट पर टिकी हैं, जहां तेजस्वी यादव लगातार तीसरी जीत दर्ज करने की कोशिश में हैं. जन सुराज पार्टी के संस्थापक और पूर्व चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने संकेत दिए हैं कि वह स्वयं इसी सीट से चुनाव लड़ सकते हैं.



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