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दिल्ली, झारखंड के बाद अब बिहार… क्या घुसपैठियों के मुद्दे पर तेजस्वी-राहुल गांधी की जोड़ी पर
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दिल्ली, झारखंड के बाद अब बिहार… क्या घुसपैठियों के मुद्दे पर तेजस्वी-राहुल गांधी की जोड़ी पर

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बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी उठापटक तेज है. महागठबंधन वोट चोरी तो वहीं बीजेपी घुसपैठिए के मुद्दे को लेकर जनता के बीच जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक रैली में महागठबंधन के प्रमुख सहयोगियों पर निशाना साधते हुए कहा, “वोट बैंक की राजनीति ऐसी है कि कांग्रेस, आरजेडी और उनका पूरा तंत्र विदेशी घुसपैठियों को बचाने में व्यस्त है. वे इतने बेशर्म हो गए हैं कि वे विदेशी घुसपैठियों के समर्थन में नारे लगा रहे हैं और यात्राएं निकाल रहे हैं.”

पूर्णिया की रैली से पीएम मोदी ने उठाया घुसपैठिए का मुद्दा

पूर्णिया में एक रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “मैं जो कह रहा हूं उसे ध्यान से सुनिए. हर घुसपैठिए को निकालना होगा. घुसपैठ पर रोक लगाना एनडीए की दृढ़ जिम्मेदारी है. भारत में घुसपैठियों की मनमानी नहीं, बल्कि देश का कानून चलेगा. यह मोदी की गारंटी है कि कार्रवाई होगी और देश को सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे.”

प्रधानमंत्री के हमले के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने चेतावनी दी कि बिहार में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली विपक्ष की ‘वोट अधिकार यात्रा’ का उद्देश्य घुसपैठियों के मताधिकार की रक्षा करना है. राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में 14 दिवसीय मतदाता अधिकार यात्रा में विपक्ष की एकजुटता देखी गई. महागठबंधन नेताओं ने चुनाव आयोग पर बीजेपी की मदद करने के लिए राज्य में एसआईआर प्रक्रिया शुरू करने का आरोप लगाया.

ऐसा पहली बार नहीं है जब किसी राज्य में विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने अवैध घुसपैठ का मुद्दा उठाया हो. असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चुनाव से पहले बीजेपी ने इसे प्रमुख मुद्दा बनाया था. इसके बाद दिल्ली और झारखंड के चुनाव में भी बीजेपी ने अवैध घुसपैठ के खिलाफ एक ज़ोरदार अभियान चलाया था.

दिल्ली में बीजेपी की राजनीति

दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अवैध रोहिंग्या और बांग्लादेशी प्रवासियों का मुद्दा जोरों पर था. बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने आम आदमी पार्टी की सरकार पर दक्षिणी दिल्ली के ओखला में बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को बसाने का आरोप लगाया था. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था, “AAP ने ओखला में बांग्लादेशी, रोहिंग्या घुसपैठियों को बसाकर पाप किया है.” चुनाव के दौरान बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच राजधानी में रजिस्टर्ड अवैध मतदाताओं को लेकर टकराव हुआ था.

बीजेपी ने AAP पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को दिल्ली में वोट देने का अधिकार देने और जाली दस्तावेजों के ज़रिए फर्जी मतदाताओं को जोड़ने का आरोप लगाया था. इस बीच आम आदमी पार्टी ने बीजेपी के आरोपों का जवाब देते हुए वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम जानबूझकर और असंवैधानिक तरीके से हटाने का आरोप लगाया.

बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा था, “हमारी पार्टी का रुख ये है कि बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों को भारत में मतदाता के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता. हम ऐसे लोगों को वोट नहीं देने देंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि उनकी पहचान करके उनके नाम मतदाता सूची से हटवाएं. जिन लोगों ने इन लोगों को फर्जी दस्तावेज हासिल करने में मदद की, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए. आम आदमी पार्टी को इससे क्या समस्या हो सकती है?”

दिल्ली में घुसपैठिए के मुद्दे पर केजरीवाल का बयान

AAP अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर पूर्वांचलियों की तुलना रोहिंग्या और बांग्लादेशियों से करने का आरोप लगाया. केजरीवाल ने कहा था, “बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने संसद में खुलेआम स्वीकार किया कि पूर्वांचल के लोगों, रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों के नाम हटाए गए हैं. पूर्वांचलियों को रोहिंग्या कहा जा रहा है. जो लोग यूपी और बिहार से दिल्ली आए और 30-40 साल से यहां बसे हैं, उन्हें रोहिंग्या या बांग्लादेशी कैसे कहा जा सकता है?”

इसके बाद बीजेपी दिल्ली में 70 में से 48 सीटें जीतकर आप सरकार को उखाड़ फेंकने में कामयाब रही. यह दर्शाता है कि यह आक्रामक रणनीति भगवा पार्टी के लिए कारगर रही. हालांकि कई चुनाव विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने दिल्ली चुनाव को त्रिकोणीय मुकाबला बना दिया था, जिस वजह से बीजेपी की जीत हुई.

झारखंड में बीजेपी ने उठाया रोहिंग्या का मुद्दा

झारखंड चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत शीर्ष बीजेपी नेताओं ने पूरे राज्य में प्रचार किया. सभी ने हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली JMM सरकार पर राज्य को रोहिंग्याओं और बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए धर्मशाला में बदलने का आरोप लगाया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस चुनाव में नारा दिया था कि ‘एक रहोगे तो सुरक्षित रहोगे’. 

इसके अलावा अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने देश को अवैध घुसपैठ के माध्यम से देश की जनसांख्यिकी को बदलने की पूर्व नियोजित साजिश के बारे में चेतावनी दी. उन्होंने कहा कि कोई भी देश घुसपैठियों को बर्दाश्त नहीं कर सकता, क्योंकि उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए एक उच्चस्तरीय डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की थी.

उन्होंने कहा, “ये घुसपैठिए हमारे युवाओं की रोज़ी-रोटी छीन रहे हैं. ये घुसपैठिए हमारे देश की बेटियों और बहनों को निशाना बना रहे हैं. इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ये घुसपैठिए भोले-भाले आदिवासियों को बेवकूफ बना रहे हैं और उनकी वन भूमि पर कब्जा कर रहे हैं. यह देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा.”

बिहार में एसआईआर प्रक्रिया के बाद अब चुनाव आयोग तारीखों की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है तो वहीं बीजेपी के शीर्ष नेता फिर से घुसपैठ का मुद्दा उठा रहे हैं. पीएम मोदी और अमित शाह दोनों ने सीमांचल क्षेत्र- पूर्णिया और फारबिसगंज में बोलते हुए इस मुद्दे को उठाया. आखिर इन इलाकों में यह मुद्दा इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

सीमांचल बीजेपी के लिए क्यों महत्वपूर्ण है? 

बीजेपी घुसपैठिए के मुद्दे को सीमांचल से उठा रही है, जिसकी सीमा पश्चिम बंगाल से लगती है और राज्य में मुस्लिम आबादी का सबसे ज्यादा है. 2011 की जनगणना के अनुसार सीमांचल में कुल  मुस्लिम आबादी 47 फीसदी है, जबकि पूरे बिहार में यह 17.7 फीसदी है.

बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से 24 सीटें सीमांचल में हैं, जो चार जिलों पूर्णिया, अररिया, किशनगंज और कटिहार में फैली हैं. आरजेडी-कांग्रेस गठबंधन को यहां पारंपरिक रूप से मुस्लिम और यादव मतदाताओं का मज़बूत समर्थन प्राप्त है. पिछले चुनाव में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम ने यहां पांच सीटें जीतकर सबको चौंका दिया था. इससे विपक्षी वोटों का बंटवारा हुआ और बीजेपी इस क्षेत्र में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी.

विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगा एनडीए: संतोष पाठक

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी बिहार उपाध्यक्ष संतोष पाठक ने कहा कि हाल ही में संपन्न एसआईआर प्रक्रिया से सीमांचल में घुसपैठियों की मौजूदगी की पुष्टि हुई है. उन्होंने दावा किया, “हालांकि यह मामला संघ सूची में आता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बांग्लादेश से आने वाले लोगों को आसानी से आधार कार्ड उपलब्ध करा दिए जाते हैं. एसआईआर पूरी हो चुकी है और अब तक इस प्रक्रिया से बाहर रखे गए लोगों द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई गई है, जिससे पता चलता है कि सीमांचल जिलों में वास्तव में घुसपैठिए हैं.” 

उन्होंने कहा, “जब भी मुसलमानों की बात आती है तो पूरा विपक्ष एकजुट होकर खड़ा हो जाता है.” हालांकि, संतोष पाठक ने कहा कि इस चुनाव में बीजेपी के लिए घुसपैठ कोई मुद्दा नहीं है और एनडीए केवल विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेगा.



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