एशिया कप में आगामी रविवार (14 सितंबर, 2025) को होने वाले भारत-पाकिस्तान के मुकाबले को लेकर एक बार फिर से सियासत गरमा उठी है. भारत-पाकिस्तान के बीच यह क्रिकेट मैच 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के महज पांच महीने के बाद हो रहा है. ऐसे में कई राजनीतिक नेताओं ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने को गलत कहा है.
विपक्षी दलों के नेताओं ने की बहिष्कार की मांग
क्रिकेट मैच से एक दिन पहले ही देश भर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और आम आदमी पार्टी (AAP) इस मुकाबले को लेकर खासतौर पर विरोध कर रहे हैं. राजनीतिक नेताओं ने भारत-पाकिस्तान के बीच होने वाले इस मैच का बहिष्कार करने की भी मांग की है.
दिल्ली में AAP के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने कार्यालय के बाहर पाकिस्तान का पुतला भी जलाया. पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने लोगों ने अपील की है कि वह उन सभी क्लबों और रेस्टोरेंट्स का बहिष्कार करें, जहां इस मैच का लाइव टेलिकास्ट दिखाया जाएगा. AAP नेता ने इसे लेकर केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ‘भारत सरकार हमारे क्रिकेटरों को ऐसे घटिया लोगों के साथ खेलने पर मजबूर कर रही है, जिन्होंने हमारी बहनों के सिंदूर को मिटा दिया. हम दिल्ली के उन सभी क्लबों और रेस्टोरेंट्स को उजागर करेंगे, जहां भारत-पाकिस्तान मैच का लाइव टेलिकास्ट दिखाया जाएगा.’
भारत-पाकिस्तान के मैच को लेकर उद्धव ठाकरे का हमला
शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारत-पाकिस्तान के बीच एशिया कप मैच को लेकर हमला करते हुए प्रधानमंत्री मोदी के एक पुराने बयान का हवाला दिया, जिसमें पीएम ने सिंधु जल संधि पर कहा था कि ‘खून और पानी साथ नहीं बह सकते’. ठाकरे ने सवाल उठाया, ‘युद्ध और क्रिकेट को एक साथ कैसे खेला जा सकता है? इन लोगों ने देशभक्ति को भी कारोबार बना दिया है. इन्हें सिर्फ पैसे चाहिए.’
हमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ नहीं खेलना चाहिए- प्रियंका
शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भी देश के लोगों से पाकिस्तान के खिलाफ एकजुट होने की अपील की. उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तानी क्रिकेटर अपने सोशल मीडिया के जरिए हमारा और ऑपरेशन सिंदूर का मजाक उड़ा रहे हैं. हमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ तब नहीं खेलना चाहिए, जब तक वे आतंकियों का समर्थन करना बंद नहीं कर देते.‘
कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद इमरान मसून ने इस संबंध में केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा, ‘लोग सिर्फ पैसा बनाने में लगे हैं. उन्हें इस बात की बिल्कुल परवाह नहीं कि हमारी बहनों का सिंदूर मिट गया, उनके परिवार तबाह हो गए. भारत-पाकिस्तान के मैच में रोमांच होता है और इसी कारण से टिकट महंगे दामों पर बिक रहे हैं. सरकार को शर्म आनी चाहिए कि ऐसे समय में पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेला जा रहा है.’
पाकिस्तान के साथ मैच खेलना मजबूरी- केंद्र सरकार
विपक्षी नेताओं के विरोध के बीच केंद्र सरकार ने एशिया कप 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच खेलने को लेकर तर्क दिया है. केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत के लिए यह मैच खेलना मजबूरी है, क्योंकि अगर भारत मैच नहीं खेलता है, तो पाकिस्तान को अंक मिल जाएंगे.
उन्होंने कहा, ‘जब एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) या इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से मल्टीनेशनल टूर्नामेंट आयोजित किए जाते हैं, तो देशों के लिए इसमें भाग लेना मजबूरी बन जाती है. अगर कोई टीम उसमें हिस्सा नहीं लेती तो उसे टूर्नामेंट से बाहर कर दिया जाता है, उस देश को मैच छोड़ना पड़ता है और दूसरी टीम को इसके अंक मिल जाते हैं. लेकिन भारत पाकिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय टूर्नामेंट नहीं खेलता.’
केंद्रीय मंत्री ने यह स्पष्ट किया कि भारत की सालों से यही नीति रही है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवादी हमले बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ कोई द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज नहीं खेली जाएगी.
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