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‘जो भी पार्टी के खिलाफ जाएगा, उसे…’, के. कविता की BRS से बर्खास्तगी पर क्या बोले पार्टी के बड
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‘जो भी पार्टी के खिलाफ जाएगा, उसे…’, के. कविता की BRS से बर्खास्तगी पर क्या बोले पार्टी के बड

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भारत राष्ट्र समिति (BRS) की विधान परिषद सदस्य (MLC) के. कविता की पार्टी से बर्खास्तगी और उनके MLC पद से इस्तीफे ने तेलंगाना की सियासत में हलचल मचा दी है. इस मामले पर बीआरएस एमएलसी दासोजू श्रवण कुमार ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की. के. कविता के बयानों के आधार पर, श्रवण ने इस कार्रवाई को पार्टी अनुशासन का हिस्सा बताया.

श्रवण ने कहा, ‘कविता को पार्टी से बर्खास्त करना पार्टी अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव की ओर से की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई है. यह दर्शाता है कि बीआरएस में पार्टी से बड़ा कोई नहीं है. जो भी पार्टी के खिलाफ जाएगा, उसे यही परिणाम भुगतना होगा.’

कांग्रेस और BJP की तरह व्यवहार कर रहीं कविता

उन्होंने स्पष्ट किया कि कविता की बर्खास्तगी से पार्टी की नीतियों और कार्यशैली पर कोई असर नहीं पड़ेगा. उनके कहा, ‘पार्टी कविता पर निर्भर नहीं है. उनकी ओर से लगाए गए आरोपों का बीआरएस या इसके नेताओं पर कोई प्रभाव नहीं होगा, क्योंकि वह कांग्रेस और भाजपा जैसे अन्य विपक्षी दलों की तरह व्यवहार कर रही हैं.’

श्रवण ने कविता और उनके परिवार के प्रति सहानुभूति जताते हुए कहा, ‘यह मुद्दा उतना बड़ा नहीं था, जितना इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया. इसे घर में बैठकर सुलझाया जा सकता था.’ उन्होंने जोर देकर कहा कि बीआरएस एक मजबूत संगठन है और इस तरह की घटनाएं इसके लक्ष्यों को प्रभावित नहीं करेंगी.

किसी भी तरह के अफवाहों पर पार्टी के समर्थक न दें ध्यान- श्रवण

उन्होंने यह भी कहा, ‘कविता की ओर से उठाए गए कदम और उनके बयान पार्टी की एकता को कमजोर करने की कोशिश हैं, लेकिन बीआरएस कार्यकर्ता और नेतृत्व एकजुट हैं.’ उन्होंने पार्टी समर्थकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और तेलंगाना के विकास के लिए एकजुट रहने की अपील की.

यह विवाद तब शुरू हुआ, जब कविता ने बीसी आरक्षण में मुसलमानों को शामिल न करने की मांग की थी, जिसके बाद पार्टी ने उन्हें निलंबित कर दिया. इस घटना ने तेलंगाना की राजनीति में नए सवाल खड़े किए हैं.

यह भी पढ़ेंः उम्रकैद की सजा, 6 हफ्ते की पैरोल और फिर फरार… 6 साल बाद कंबोडिया से भारत लाया गया हरियाणा का मोस्ट वांटेड 



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