मिडिल ईस्ट में लगातार जारी संघर्ष के बीच जहां दुनिया भर के देशों में ऊर्जा आपूर्ति पर संकट छाया हुआ है, वहीं भारत में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बताया है कि देश में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के विस्तार में काफी तेजी आई है.
मंत्रालय ने बताया कि देश भर में मार्च, 2026 से अब तक 3.42 लाख नए पीएनजी कनेक्शन गैसीफाइड किए जा चुके हैं, जबकि 3.7 लाख नए रजिस्ट्रेशन भी दर्ज किए गए हैं. इसके साथ-साथ मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को घरेलू और व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए नए पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराने में सहयोग करने के निर्देश दिए हैं.
केंद्र सरकार ने की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, भारत सरकार ने इस बात को स्पष्ट किया है कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है. इस दौरान नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे घबराहट में आकर ईंधन की खरीद या एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग न करें. साथ ही, LPG सिलेंडर बुक करने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करने और बिना जरूरत गैस एजेंसी पर न जाने की भी सलाह दी गई है.
मंत्रालय ने घरों से पीएनजी, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की है. साथ ही वर्तमान परिस्थितियों में ऊर्जा की बचत पर भी जोर दिया गया है. सरकार ने लोगों को अफवाहों से सावधान रहने और केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी है.
ईरान युद्ध के बीच घरेलू LPG और PNG बनी सरकार की प्राथमिकता
ईरान युद्ध के कारण आपूर्ति में आई चुनौतियों के बीच सरकार ने घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जबकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उच्च प्राथमिकता दी जा रही है. आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई कदम उठाए गए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग अंतराल 21 से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना शामिल है. एलपीजी की मांग को कम करने के लिए केरोसिन और कोयला जैसे वैकल्पिक ईंधन भी उपलब्ध कराए गए हैं.
केंद्र ने राज्यों को अधिक कोयला आवंटित करने के दिए निर्देश
रिपोर्ट के मुताबिक, कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगरेनी कोलियरिज को राज्यों को अधिक कोयला आवंटित करने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने राज्यों को स्थानीय जरूरत के अनुसार 5 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडरों के लक्षित वितरण पर भी विचार करने को कहा है. 23 मार्च से अब तक 5 लाख से अधिक छोटे सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, जिनमें से 67,000 से अधिक गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को ही बिके.
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