पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि भारत में पेट्रोलियम और LPG सप्लाई की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और कंट्रोल में है. सभी रिटेल फ्यूल आउटलेट्स के पास काफी सप्लाई है. देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या LPG की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर गलत जानकारी फैलाने के लिए चलाए जा रहे शरारती, कोऑर्डिनेटेड कैंपेन से गुमराह न हों.
Ministry of Petroleum and Natural Gas categorically states that India’s petroleum and LPG supply situation is fully secure and under control. All retail fuel outlets have enough supplies. There is no shortage of petrol, diesel, or LPG anywhere in the country. The Ministry calls… pic.twitter.com/nzwb0a4TNR
— ANI (@ANI) March 26, 2026
पीआईबी की प्रेस रिलीज में बताया गया है कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का 5वां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से अधिक देशों को रिफाइन ईंधन की आपूर्ति करता है. चूंकि भारत दुनिया का शुद्ध निर्यातक है, इसलिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है. देश भर में सभी एक लाख से अधिक खुदरा ईंधन आउटलेट खुले हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन का वितरण कर रहे हैं.
कितने दिनों का बचा स्टॉक? सरकार ने बताया
सरकार ने बताया कि भारतीय तेल कंपनियों द्वारा अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति का अनुबंध पहले ही किया जा चुका है. भारत के पास कुल आरक्षित क्षमता 74 दिनों की है और वास्तविक स्टॉक कवर अभी लगभग 60 दिनों का है. इसमें कच्चा तेल, उत्पाद और गुफाओं में समर्पित रणनीतिक भंडर भी शामिल है, जबकि हम मिडिल ईस्ट संकट के 27वें दिन पर हैं. कच्चे तेल की अगले 2 महीने की खरीद भी सुरक्षित कर ली गई है.
देश मे LPG की कोई कमी नहीं: सरकार
सरकार ने क्लीयर किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है. मंत्रालय द्वारा जारी एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद, घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे दैनिक एलपीजी उत्पादन लगभग 80 टीएमटी की कुल दैनिक आवश्यकता के मुकाबले 50 टीएमटी यानी हमारी जरूरत का 60% से अधिक हो गया है. तेल कंपनियां हर दिन 50 लाख से ज्यादा सिलेंडर की सफलतापूर्वक डिलीवरी कर रही हैं. उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में ऑर्डर देने के कारण सिलेंडर की मांग 89 लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी और अब फिर से घटकर 50 लाख सिलेंडर पर आ गई है.


