मॉरिशस के मोका में महाराष्ट्र के विस्तारित भवन के भूमिपूजन का कार्यक्रम हाल ही में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की उपस्थिति में संपन्न हुआ है. इस मौके पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि महाराष्ट्र और मॉरिशस के बीच मित्रता का रिश्ता पीढ़ियों से चला आ रहा है और सात समंदर पार रहने के बावजूद यहां के मराठी समाज ने अपनी सांस्कृतिक जड़ों को बड़े गर्व के साथ सहेजकर रखा है. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पहल पर इस भवन के विस्तार के लिए 8 करोड़ रुपये का निधि प्राप्त होने पर उपस्थित लोगों ने आभार व्यक्त किया.
साइबर सुरक्षा, AI, पर्यटन पर अहम चर्चा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने अपने दो दिवसीय मॉरिशस दौरे के दौरान उच्चस्तरीय गणमान्य नेताओं से मुलाकात कर भारत-मॉरिशस संबंधों को और मजबूत किया. इस दौरे के दौरान उन्होंने मॉरिशस के राष्ट्रपति धरमबीर गोखुल से उनके आधिकारिक निवास पर शिष्टाचार भेंट की. इस मुलाकात में भारत-मॉरिशस मित्रता, ब्लू इकॉनॉमी, पर्यटन, AI और साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई.
‘मॉरिशस भारत का छोटा भाई है’, ऐसा कहते हुए राष्ट्रपति ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यों की सराहना की. साथ ही भारत द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उन्होंने आभार व्यक्त किया.
मॉरिशस को भारत का सहयोग आवश्यक हैः रामतोहूल
इसके अलावा, मॉरिशस के विदेश मंत्री धनंजय रामफुल, IT और इनोवेशन मंत्री डॉ. अविनाश रामतोहूल और कला एवं सांस्कृतिक मंत्री महेंद्र गोंदिया के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें हुईं. डॉ. रामतोहूल ने फर्ग्युसन कॉलेज में अपनी पढ़ाई के दिनों की यादें साझा करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर लिखी अपनी पुस्तक भेंट की. महाराष्ट्र में राशनिंग व्यवस्था में जीपीएस तकनीक के माध्यम से लाई गई पारदर्शिता की उन्होंने विशेष सराहना की. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मॉरिशस को अफ्रीका के लिए AI क्षेत्र का प्रवेशद्वार बनाने के लिए भारत का सहयोग आवश्यक है. इसके अलावा सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पुस्तकालय और जागरी नृत्य को यूनेस्को में नामांकन दिलाने जैसे विषयों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई.
महाराष्ट्र भवन से और अधिक मजबूत होगी वैश्विक स्तर पर मराठी अस्मिता
इस दौरे का एक प्रमुख आकर्षण मोका में महाराष्ट्र भवन के विस्तारित भवन का शिलान्यास समारोह रहा. देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में 8 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस इमारत से वैश्विक स्तर पर मराठी अस्मिता और अधिक मजबूत होगी. इस भवन के सभागार को स्वातंत्र्यवीर सावरकर का नाम देने के प्रस्ताव को स्थानीय समाज ने उत्साहपूर्वक समर्थन दिया.
इसके अलावा, मॉरिशस मराठी मंडली फेडरेशन की ओर से आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम, महा गणेशोत्सव 2025 के तहत अनुदान वितरण और मॉरिशस में भारत के उच्चायुक्त अनुराग श्रीवास्तव के साथ बिहार फेस्टिवल में सहभाग जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विदेश में भारतीय संस्कृति का प्रचार और सुदृढ़ हुआ. इन सभी घटनाओं से महाराष्ट्र-मॉरिशस संबंधों का एक नया अध्याय शुरू होने का विश्वास व्यक्त किया गया.
कई गणमान्य लोगों ने की विस्तृत चर्चा
मॉरिशस के सांसद अर्विन बाबाजी, मॉरिशस मराठी मंडळी फेडरेशन के मुख्य धर्मगुरु गुरुजी संताराम राजू, मॉरिशस मराठी मंडळी फेडरेशन के अध्यक्ष बलराज नारू, मॉरिशस मराठी कल्चरल सेंटर ट्रस्ट के अध्यक्ष धनीराव भिवाजी और मॉरिशस में स्थित मराठी स्पीकिंग यूनियन के अध्यक्ष भालचंद्र गोविंद सहित कई प्रमुख मराठी व्यक्तित्वों से रविंद्र चव्हाण ने विभिन्न विषयों पर चर्चा की.
साथ ही, मेलरोझ श्री गजानन सरस्वती मंदिर, मांट रोचेस मराठी मित्र मंडळी, विठोबा रखुमाई मराठा मंदिर, डागोटियर मराठी शिव मंदिर, लेसपेरान्स मराठी गणोबा मंदिर, प्रोविडेंस मराठी मित्र मंडळ और पाल्मा मराठी सभा जैसी संस्थाओं को महाराष्ट्र सरकार के सांस्कृतिक विभाग की ओर से अनुदान के चेक भी प्रदान किए गए.
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