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ईरान की मदद के लिए कश्मीरियों ने खोला खजाना, 500 करोड़ रुपये से ज्यादा इकट्ठा किया चंदा
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ईरान की मदद के लिए कश्मीरियों ने खोला खजाना, 500 करोड़ रुपये से ज्यादा इकट्ठा किया चंदा

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कश्मीर और ईरान के बीच अपने ऐतिहासिक संबंधों को फिर से मजबूत करते हुए जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में सभी संप्रदायों के लोग ईरान के लोगों की मदद के लिए दिल खोलकर दान दे रहे हैं. यह विशाल दान अभियान तब शुरू हुआ जब विभिन्न शिया संगठनों ने लोगों से ईरान के लिए दान करने की अपील की.

जम्मू-कश्मीर शिया एसोसिएशन ने एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में अपील करते हुए कहा, ‘जम्मू-कश्मीर के सभी मुसलमानों से अपील है कि इन मुश्किल समय में ईरान के लोगों के लिए योगदान दें. ईरान हमेशा उम्माह (मुस्लिम समुदाय) के साथ खड़ा रहा है, आज हमारी बारी है. हम कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं कि दान और दुआओं के जरिए मदद करें. अल्लाह उम्माह की एकता को मजबूत करे.’

इसके जवाब में कश्मीर घाटी भर से लोग बड़ी संख्या में उमड़ पड़े और नकद के साथ सोने-चांदी के गहने, तांबे के बर्तन, जमीन, कार, मोटरसाइकिल जैसी चीजों के रूप में भारी दान दिया. इसके अलावा QR कोड स्कैनर, सीधे नकद जमा, चेक और ऑनलाइन ट्रांसफर के जरिए भी बैंक लेन-देन किए गए.

ईरान के लिए दान देने वाले लोगों ने क्या कहा?

कश्मीर के बडगाम में एक संग्रह केंद्र पर 60 वर्षीय हाजी मोहम्मद अमीन ने 50 हजार रुपये का चेक जमा करते हुए कहा कि यह बुराई और अच्छाई के बीच की इस लड़ाई में उनकी ओर से बस एक छोटा सा योगदान है. उन्होंने कहा कि ईरान हमारी रूह है और हम ईरान और वहां हमारे नेता की हिफाजत के लिए अपना खून बहाने से भी पीछे नहीं हटेंगे.

वहीं, एक अन्य दानकर्ता सबरा जैनब ने कहा, ‘लोग छोटे-छोटे गांवों में भी नकद, सोना, तांबे की चीजें और अन्य तरह का दान इकट्ठा कर रहे हैं. यह सारा दान एक सही माध्यम से भेजा जाएगा, जिसके लिए भारत में मौजूद ईरान दूतावास के बैंक खाते का इस्तेमाल किया जाएगा. यह खाता भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में है.’

जबकि बडगाम के ही रहने वाले एक सुन्नी मुस्लिम इमरान अहमद ने कहा, ‘यह दान सही और गलत, सच और झूठ के बीच की इस लड़ाई में उनकी ओर से एक छोटा सा प्रयास है. इस लड़ाई ने हमें यह दिखा दिया है कि इस संघर्ष में कोई शिया या सुन्नी नहीं है. हम सब एक ही धर्म के मानने वाले हैं. यह कोई एक दिन की भावना नहीं है.’

500 करोड़ रुपये से ज्यादा के दान के बाद ईरानी दूतावास ने क्या कहा?

अनुमानों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में कश्मीर घाटी के अलग-अलग हिस्सों में जमा हुआ कुल दान 500 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है और लोग अपने योगदान के साथ इन दान केंद्रों पर लगातार पहुंच रहे हैं.

ईरान के दूतावास ने अपने ट्विटर हैंडल के जरिए भारत में लोगों के लिए बैंक डिटेल्स भी शेयर की थीं, ताकि वे अपना योगदान और दान भेज सकें और कश्मीर के लोगों की अपील पर मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद दूतावास ने न सिर्फ लोगों का शुक्रिया अदा किया, बल्कि बच्चों के अपने पिगी बैंक से पैसे निकालते हुए वीडियो ट्वीट करते हुए यह भी वादा किया कि वे भविष्य में जम्मू और कश्मीर के लोगों के योगदान को कभी नहीं भूलेंगे.

ईरानी दूतावास ने कहा, ‘दिल में कृतज्ञता लिए, हम कश्मीर के नेक लोगों का तहे दिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि वे अपने मानवीय सहयोग और दिली एकजुटता के जरिए ईरान के लोगों के साथ खड़े रहे. इस नेकी को कभी नहीं भुलाया जाएगा. शुक्रिया, भारत.’

बडगाम विधायक ने अपनी तनख्वाह दान करने का किया वादा

जहां कई लोग ऑनलाइन माध्यमों से चुपचाप दान कर रहे हैं, वहीं अलग-अलग धर्मों और क्षेत्रों के कई लोग सोशल मीडिया पर अपने योगदान की पोस्ट डाल रहे हैं और उसमें भारत में ईरान के दूतावास को टैग कर रहे हैं. यहां तक कि कश्मीर के शिया बहुल बडगाम जिले के मौजूदा विधायक आगा सैयद मुंतजिर मेहदी ने भी ईरानी लोगों की मदद के लिए अपनी एक महीने की सैलरी दान करने का वादा किया.

उन्होंने कहा, ‘इस मुश्किल दौर में मैं ईरान के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा हूं. समर्थन और हमदर्दी के एक छोटे से इशारे के तौर पर मैं राहत कार्यों के लिए अपनी एक महीने की सैलरी दान कर रहा हूं. संकट के समय में सीमाओं से ऊपर उठकर जरूरतमंदों की मदद करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है.’ उन्होंने सार्वजनिक जीवन और समाज से जुड़े अन्य लोगों से भी आगे आने और मानवीय कार्यों में योगदान देने का आग्रह किया.

अब तक अधिकारियों ने ईरान के लोगों के लिए चंदा इकट्ठा करने पर रोक लगाने का कोई प्रयास नहीं किया है और यह अभियान दिन-ब-दिन जोर पकड़ता जा रहा है.

यह भी पढ़ेंः अमेरिका-ईरान बातचीत की मेजबानी करेगा पाकिस्तान? शहबाज शरीफ ने किया खुलासा, जानें युद्ध पर क्या कहा



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