2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में सीटों के बंटवारे पर बातचीत एक अहम दौर में पहुंच गई है. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्सवादी (सीपीआई-एम) अपनी छह सीटों की मांग पर अड़ी हुई है, जिसके चलते बातचीत में फिलहाल गतिरोध आ गया है. 2021 के विधानसभा चुनावों में, सीपीआई-एम ने डीएमके गठबंधन के हिस्से के तौर पर छह सीटों पर चुनाव लड़ा और दो सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब रही.
इधर, जैसे-जैसे 2026 के चुनावों की तैयारियां तेज हो रही हैं, पार्टी नेतृत्व अपनी पिछली हिस्सेदारी को बनाए रखने का इच्छुक है. उनका तर्क है कि जमीनी स्तर पर उनकी मौजूदगी और कार्यकर्ताओं की ताकत इस मांग को सही ठहराती है. हालांकि, डीएमडीके और मक्कल निधि मय्यम (एमएनएम) जैसे नए गठबंधन सहयोगियों के आने से सीटों के बंटवारे पर दबाव बढ़ गया है, जिसके चलते डीएमके नेतृत्व ने मौजूदा सहयोगियों को दी जाने वाली सीटों की संख्या में कटौती का प्रस्ताव रखा है.
CPIM के भीतर जोरदार आंतरिक चर्चाओं का दौर
इस मुद्दे पर शनिवार को सीपीआई-एम के भीतर जोरदार आंतरिक चर्चाओं का दौर चला. पार्टी ने सबसे पहले सुबह चार घंटे तक राज्य कार्यसमिति की बैठक की, जिसके बाद दोपहर 3 बजे से रात 10.30 बजे तक राज्य समिति की एक लंबी बैठक हुई. इस सत्र के दौरान, आम सहमति पर पहुंचने के लिए सदस्यों से व्यक्तिगत राय ली गई. चूंकि मतभेद बने रहे, इसलिए नेतृत्व ने देर रात दो घंटे की राज्य कार्यकारिणी समिति की बैठक के जरिए चर्चाओं का एक और दौर आयोजित किया. सूत्रों ने संकेत दिया कि कार्यकारिणी समिति इस बात पर एकमत थी कि पार्टी को अपने पिछले चुनावी समझौते के अनुरूप छह सीटों पर ही चुनाव लड़ना चाहिए.
इसके बाद नेतृत्व ने इस रुख को सीधे डीएमके नेतृत्व तक पहुंचाने का फैसला किया. बाद में, सीपीआई-एम के राज्य सचिव शनमुगम के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले पर चर्चा करने के लिए अन्ना अरिवलयम में मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन से मुलाकात की।बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए शनमुगम ने कहा कि पार्टी ने शुरू में ज्यादा सीटों की मांग की थी, लेकिन राज्य समिति के फैसले के आधार पर छह सीटों पर राजी होने के लिए तैयार है.
स्टालिन ने CPIM को 5 सीटें देने को कहा
उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन ने CPIM से पांच सीटें स्वीकार करने पर विचार करने का आग्रह किया है और इसके पीछे गठबंधन में नए सहयोगियों के शामिल होने से पैदा हुई मजबूरियों का हवाला दिया है. सीपीआई-एम नेतृत्व ने कहा है कि वह इस प्रस्ताव को अपनी राज्य कार्यकारिणी समिति के सामने रखेगा और जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लेगा. उम्मीद है कि पार्टी रविवार देर रात या सोमवार तक अपने फैसले की घोषणा कर देगी. यह एक ऐसा कदम होगा जो चुनावों से पहले डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के अंतिम स्वरूप और एकता को काफी हद तक प्रभावित कर सकता है.
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