Tamil Nadu Cyber Crime: तमिलनाडु के कोयंबटूर से एक चौंकाने वाला साइबर फ्रॉड मामला सामने आया है, जहां ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ का डर दिखाकर एक 70 साल के सेवानिवृत्त तहसीलदार से 40 लाख रुपये ठग लिए गए. इस मामले की जांच शहर की साइबर क्राइम पुलिस कर रही है.
जानकारी के अनुसार, 7 मार्च को बुजुर्ग के मोबाइल पर एक वीडियो कॉल आया. कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को मुंबई पुलिस का अधिकारी बताया. उसने बुजुर्ग को यह कहकर डराया कि उनके बैंक खाते से 2 करोड़ 50 लाख रुपये का अवैध लेनदेन हुआ है और उन्हें गिरफ्तार किया जा रहा है.
डराकर बैंक खाते की जानकारी ली
कॉल करने वाले ने बुजुर्ग से उनके बैंक खाते में जमा राशि के बारे में पूछा. डर के कारण उन्होंने बताया कि उनके खाते में करीब 40 लाख रुपये हैं. इसके बाद ठग ने उन्हें निर्देश दिया कि वे यह राशि निकालकर उसके बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दें, ताकि जांच पूरी हो सके और उन्हें “रिहा” किया जा सके.
बुजुर्ग ने बिना सत्यापन किए बैंक जाकर 40 लाख रुपये निकाले और ठगों द्वारा बताए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए. पैसे ट्रांसफर होने के बाद ठगों ने कहा कि अब उन्हें छोड़ दिया गया है.
बाद में हुआ ठगी का अहसास
कुछ समय बाद जब बुजुर्ग ने इस घटना के बारे में अपने परिचितों से चर्चा की, तब उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ धोखाधड़ी हुई है. इसके बाद उन्होंने तुरंत कोयंबटूर साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित बैंक खातों तथा कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है.
हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने साफ कहा है कि “डिजिटल गिरफ्तारी” जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं होती, यह पूरी तरह से साइबर ठगी का नया तरीका है. किसी भी अनजान कॉल या वीडियो कॉल पर भरोसा न करें, खासकर जब आपसे पैसे या बैंक जानकारी मांगी जाए. अगर किसी को इस तरह की धमकी भरी कॉल आती है, तो तुरंत कॉल काट दें और इसकी सूचना साइबर क्राइम पुलिस को दें.
संदेह होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं. सतर्कता ही इस तरह के साइबर अपराधों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है.


