केरल विधानसभा चुनाव तारीखों का ऐलान चुनाव आयोग ने रविवार को कर दिया है. केरल में एक चरण में चुनाव होंगे. यहां 9 अप्रैल को वोटिंग की जाएगी और 4 मई को अन्य राज्यों के साथ चुनावी नतीजे आएंगे. केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को पूरा हो रहा है. पुड्डुचेरी विधानसभा का कार्यकाल सबसे बाद में यानी 15 जून को समाप्त हो रहा है. तारीखों के ऐलान के साथ ही राज्य में आचार संहिता लागू कर दी गई है.
इसके अलावा चुनाव आयोग ने आगामी चुनाव की जानकारी देते हुए बताया कि केरल में 16 मार्च को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा. इस बाद 23 मार्च से नॉमिनेशन दाखिल किए जाएंगे. इनकी सक्रूटनी 24 मार्च को की जाएगी. 26 मार्च तक नाम वापसी की जा सकती है. वहीं 9 अप्रैल को पूरे राज्य में वोटिंग होगी.
140 सीटों पर होगी वोटिंग, इतने वोटर डाल सकेंगे अपना मत
केरल में 14 जिले हैं. इनमें कुल 140 विधानसभा सीटें हैं. वहीं, 124 जनरल की सीटें, वहीं 14 सीटें एससी के लिए आरक्षित हैं. इसके अलावा 02 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं. राज्य में कुल 2.70 करोड़ वोटर्स हैं. इनमें 1.31 करोड़ पुरुष मतदाता हैं. 1.38 महिला मतदाता है. इनमें 4.25 लाख फर्स्ट टाइम वोटर्स हैं. 45 लाख युवा वोटर्स हैं. करीबन ढाई लाख के आसपास दिव्यांग वोटर्स हैं. इनके अलावा 85 से ज्यादा उम्र के 2.4 लाख वोटर्स हैं.
देश का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट की सरकार
पूरे देश में केरल एक ऐसा राज्य है, जहां लेफ्ट की सरकार है. हालांकि, यहां सत्ता परिवर्तन की परंपरा रही है. लेकिन 2021 में लेफ्ट ने लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की थी. यहां एलडीएफ की 99 सीटें हैं. वहीं यूडीएफ की 41 सीटें हैं. साथ ही अन्य के खाते में एक भी सीट नहीं है. इनके अलावा यहां एलडीएफ का वोट प्रतिशत 45.4%, यूडीएफ का वोट प्रतिशत 39.1% और अन्य के खाते में 15% वोट प्रतिशत रहा था. यहां कुल 140 विधानसभा सीटे हैं. सरकार बनाने के लिए यहां 71 सीटों पर बहुमत हासिल करना होता है.


