भारत में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है. किल्लत के चलते देश में घरेलू और कमर्शियल उपयोग में आने वाली गैस सिलेंडर को लेकर जनता पैनिक में हैं. ऐसे में बुकिंग का दौर जारी है. ईरान और इजरायल युद्ध के बीच भारत में एलपीजी के भंडार पर असर पड़ा है. इसी को लेकर अब सरकार की तरफ से अपील की गई है. इसमें पैनिक बुकिंग न करने की अपील की गई है.
पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा है?
पेट्रोलियम मंत्रालय की सह सचिव सुजाता शर्मा ने सरकार की तरफ से अपील करते हुए कहा है कि हम 60 प्रतिशत इंपोर्ट करते हैं. इसमें 90 प्रतिशत स्टेट ऑफ होर्मोंस से आता है. अचानक बुकिंग कई गुना बढ़ गई है. लोग पैनिक बुकिंग कर रहे हैं. हम जनता से अपील कर रहे हैं कि पैनिक बुकिंग न करें.
उन्होंने कहा कि कमर्शियल कैटेगिरी में अस्पताल और शिक्षण संस्थानों को प्राथमिकता दी गई है. बाकी सेक्टर्स में भी निगरानी के लिए तीसरे सी कमेटी का गठन किया गया है. कमर्शियल सिलेंडर जारी किए जाएंगे. राज्य सरकारों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होगी. राज्य सरकार को लिस्ट तैयार करके बताना होगा कि किन लोगों प्राथमिकता के आधार पर दिया जा सकता है. हमारा मकसद इसके जरिए कालाबाजारी और जमाखोरी से बचाव करने का है.
राज्य सरकार अतिरिक्त केरोसिन जारी किया जाएगा
बता दें, अबतक एक लाख लीटर जो केरोसिन राज्य सरकार को दिया जाता था, उसके अतिरिक्त अब 48 हजार लीटर और जारी किया जाएगा. वहीं कोयला मंत्रालय ने राज्यों को अधिक कोयला देने का निर्देश दिया है. एक महीने के लिए हॉस्पिटैलिटी और रेस्टोरेंट को केरोसिन और कोयला इस्तेमाल करने की इजाजत देने की बात कही गई है. सरकार के कदमों से 70% से ज्यादा आयात आने लगा है. तेल को लेकर हम काफी बेहतर स्थिति में हैं. देश में 28% LPG का प्रोडक्शन बढ़ा दिया गया है.
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