मिडिल ईस्ट (Middle East) में जारी युद्ध का असर अब भारतीय एविएशन सेक्टर पर भी दिखाई देने लगा है. सूत्रों के अनुसार एयर इंडिया (Air India) ने भारतीय विमानन नियामक Directorate General of Civil Aviation (DGCA) से पायलटों की ड्यूटी और उड़ान समय से जुड़े नियमों में कुछ छूट देने की मांग की है. एयरलाइन ने Flight Duty Time Limitations (FDTL) नियमों में बदलाव की मांग करते हुए कहा है कि कुछ अंतरराष्ट्रीय रूटों पर उड़ान का समय बढ़ गया है. इसकी वजह ईरान और इराक के एयरस्पेस का बंद होना बताया गया है, जिसके कारण विमानों को लंबे वैकल्पिक रास्तों से होकर उड़ान भरनी पड़ रही है.
एयर इंडिया ने DGCA से अनुरोध किया है कि कुछ खास सेक्टरों पर दो पायलटों के साथ उड़ान जारी रखने की अनुमति दी जाए और उड़ान समय की सीमा में अस्थायी बढ़ोतरी की जाए. एयरलाइन ने प्रस्ताव दिया है कि पायलटों की अधिकतम उड़ान अवधि को मौजूदा 10 घंटे से बढ़ाकर 11 घंटे 30 मिनट किया जाए, यानी करीब डेढ़ घंटे की अतिरिक्त छूट दी जाए. इसके साथ ही Flight Duty Period (FDP) को मौजूदा 13 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे 45 मिनट करने की मांग की गई है, जो लगभग 1 घंटा 45 मिनट अधिक है.
एयर इंडिया का बयान
एयर इंडिया का कहना है कि ईरान और इराक के ऊपर से उड़ान न भर पाने के कारण कई अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है. इससे कुल यात्रा समय पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है और मौजूदा FDTL नियमों के तहत उड़ान संचालन करना कठिन हो रहा है. एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि पश्चिम एशिया की स्थिति सामान्य होने तक एयरलाइंस को ऐसे संचालन संबंधी बदलावों की जरूरत पड़ सकती है. DGCA अब एयर इंडिया के इस प्रस्ताव पर सुरक्षा और संचालन से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसला ले सकता है.


