मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच सऊदी अरब का कच्चा तेल लेकर एक बड़ा टैंकर सुरक्षित रूप से मुंबई पहुंच गया है. यह जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को पार करके भारत तक पहुंचा है, जिससे ईंधन आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में राहत मिली है. जानकारी के अनुसार लाइबेरिया के झंडे वाला तेल टैंकर शेनलोंग (Suezmax) लगभग 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लेकर सऊदी अरब से रवाना हुआ था. यह जहाज एथेंस स्थित कंपनी Dynacom Tankers Management ऑपरेट करती है.
यह टैंकर हाल के क्षेत्रीय तनाव के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) पार कर भारत पहुंचने वाला पहला बड़ा तेल जहाज माना जा रहा है. जहाज ने मुंबई पहुंचने के बाद बंदरगाह पर डॉक किया गया है, जहां से कच्चा तेल पूर्वी मुंबई के माहुल इलाके में स्थित रिफाइनरियों तक पहुंचाया जाएगा. सूत्रों के अनुसार सुरक्षा कारणों से जहाज ने संवेदनशील समुद्री क्षेत्र से गुजरते समय अस्थायी रूप से अपना AIS ट्रैकिंग सिस्टम बंद कर दिया था. यह सिस्टम जहाज की लोकेशन दिखाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. टैंकर 9 मार्च को दोबारा ट्रैकिंग सिस्टम पर दिखाई दिया और 11 मार्च को मुंबई पहुंच गया.
भारत के पास कच्चे तेल का भंडार
मिडिल ईस्ट में जंग के बीच सऊदी अरब का शिपमेंट का सुरक्षित पहुंचना भारत के लिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि देश की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आने वाले कच्चे तेल पर निर्भर करता है. हालांकि, इस बीच सरकार ने देश की जनता अफवाहों पर ध्यान न देने की सलाह दी है. भारत के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का बड़ा भंडार मौजूद है. मार्च 2026 तक देश के पास कुल मिलाकर 250 मिलियन बैरल से अधिक तेल का स्टॉक है. यह मात्रा लगभग 4000 करोड़ लीटर के बराबर मानी जाती है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर आपात स्थिति बनती है तो यह भंडार पूरे देश की जरूरतों को करीब 7 से 8 सप्ताह यानी लगभग दो महीने तक पूरा कर सकता है. इस कुल भंडार में कई सोर्स शामिल हैं. इसमें पेट्रोलियम रिजर्व, तेल रिफाइनरियों में रखा स्टॉक और समुद्री रास्ते से भारत आ रहा कच्चा तेल भी शामिल होता है.


